आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

जी के संपादकों की जमानत पर फैसला कल

नई दिल्ली/ब्यूरो

Updated Sun, 16 Dec 2012 12:33 AM IST
court reserves order on zee editors bail plea for monday
जिंदल ग्रुप से सौ करोड़ रुपये की उगाही के प्रयास के मामले में जी न्यूज के दो संपादकों सुधीर चौधरी व समीर अहलूवालिया की जमानत अर्जी पर अभियोजन पक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई है। उसका कहना है कि अगर अभियुक्तों को जमानत दी गई तो वे जांच को प्रभावित कर सकते हैं। अदालत ने जमानत के फैसले को सोमवार तक के लिए सुरक्षित रख लिया।
वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी राजीव मोहन ने अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश राजरानी मित्रा के समक्ष जमानत पर आपत्ति जताते हुए कहा कि जिंदल ग्रुप से उगाही की बातचीत से पहले व बाद में सुभाष चंद्रा व सुधीर के बीच फोन पर बात हुई थी।

उन्होंने अदालत में चंद्रा का लंदन वाला फोन नंबर देते हुए कहा कि जांच से स्पष्ट है इस नंबर पर दोनों के बीच बात हुई थी। उन्होंने कहा कि सभी अभियुक्तों का व्यवहार ठीक नहीं है और वे जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं।

हमने उनका लाई डिटेक्टर टेस्ट करवाने की लिए रजामंदी मांगी थी, जिससे उन्होंने इन्कार कर दिया। उन्होंने बचाव पक्ष के उस तर्क को खारिज करने का आग्रह किया, जिसमें इस अपराध में मिलने वाली सजा के आधार पर जमानत मांगी गई।

अभियोजन पक्ष ने दलील दी कि यह नहीं देखा जाना चाहिए कि अपराध में कितनी सजा का प्रावधान है, बल्कि अपराध की गंभीरता को देखा जाना जरूरी है। उन्होंने हाईकोर्ट व सर्वोच्च न्यायालय के विभिन्न फैसलों के अलावा दाऊद इब्राहिम व उसके साथियों द्वारा उगाही करने, उपहार अग्निकांड व गीतिका शर्मा आत्महत्या मामले में अभियुक्त गोपाल कांडा के मामलों का हवाला दिया।

मोहन ने कहा कि उपहार मामले में भी गिरफ्तार हुए लोग काफी प्रभावशाली थे और उन्होंने अदालत का रिकॉर्ड तक गायब करवा दिया। वहीं कांडा ने भी साक्ष्य नष्ट कर दिए हैं। इस मामले में अभियुक्तसुधीर व समीर भी काफी प्रभावशाली हैं और यदि इन्हें जमानत दी गई तो वे साक्ष्य को नष्ट करने के अलावा गवाहों को भी प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए जमानत अर्जी खारिज की जाए।

वहीं दोनों संपादकों के अधिवक्ता विजय अग्रवाल व सुनील मित्तल ने कहा कि उनके मुवक्किलों पर कोई हत्या का आरोप नहीं है। जांच में सहयोग व आरोप में सजा के प्रावधान को देखना जरूरी है। उन्होंने भी दर्जनों मामलों का हवाला देते हुए जमानत मंजूर करने का आग्रह किया। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद चार बजे फैसला सुनाने को कहा, लेकिन बाद में अन्य मामलों में जिरह के चलते अदालत ने अपना फैसला सोमवार तक के लिए सुरक्षित रख लिया।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

स्पॉटलाइट

शाहरुख के करियर की 'कमजोर कड़ी' रहेंगी ये 10 फिल्में

  • शुक्रवार, 20 जनवरी 2017
  • +

सर्दियों में भी हो जाते हैं पसीना-पसीना, ध्यान दें इन बातों पर

  • शुक्रवार, 20 जनवरी 2017
  • +

गर्लफ्रेंड से मसखरी करना इस लड़के को पड़ा भारी, लड़की ने लिया गजब का बदला

  • शुक्रवार, 20 जनवरी 2017
  • +

WWE चैंपियन और उनकी पत्नी के साथ ऐसी हुई अनहोनी, काफी कुछ लुट गया!

  • शुक्रवार, 20 जनवरी 2017
  • +

इस बीमारी के चलते आधी रात को सड़क पर भागने लगी थीं परवीन बाबी, आखिरी दिनों में ऐसी हो गई थी हालत

  • शुक्रवार, 20 जनवरी 2017
  • +

Most Read

अनुपम खेर ने पूछा- क्या राहुल गांधी राष्ट्रगान गा सकते हैं?

Can Rahul Gandhi sing national anthem, asks Anupam Kher
  • सोमवार, 5 दिसंबर 2016
  • +

संविधान के दायरे में कश्मीर पर बातचीत के लिए तैयारः अमित शाह

We are ready to talk on Kashmir, say Amit Shah in Party national council meeting
  • रविवार, 25 सितंबर 2016
  • +

भारत में रह रहीं दो पाकिस्तानी महिलाएं लापता

 Two Pakistani women married to Indians go missing
  • बुधवार, 26 अक्टूबर 2016
  • +
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top