आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

एनडीए सरकार में हुए कोल आवंटन की होगी जांच

नई दिल्ली/संजय मिश्र

Updated Fri, 21 Sep 2012 02:29 AM IST
coal allocation of nda govt will be checked
कोल ब्लॉक आवंटन मामले का सियासी दाग धोने के लिए यूपीए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए 1993 से अब तक आवंटित तमाम कोल ब्लॉकों की सीबीआई जांच कराने का फैसला किया है।
सरकार के इस रुख के बाद अब एनडीए समेत पिछली तीन सरकारों के कार्यकाल में आवंटित सभी कोल ब्लॉक सीबीआई जांच के घेरे में आ जाएंगे। यूपीए के उच्चपदस्थ सूत्रों के अनुसार 1993 से 2004 तक आवंटित सभी कोल ब्लॉकों की सीबीआई से जांच कराने की अपनी सिफारिश सरकार ने केंद्रीय सतर्कता आयुक्त यानी सीवीसी को भेज दी है।

कोल ब्लॉक आवंटन मामले में कैग रिपोर्ट को लेकर चौतरफा घिरी यूपीए सरकार ने इस पर उठे सियासी तूफान को थामने के लिए यह अभूतपूर्व कदम उठाया है। गौरतलब है कि सीबीआई पहले ही सीवीसी के कहने पर 2006 से 2009 के बीच 64 निजी कंपनियों को दिए कोल ब्लॉकों की जांच कर रही है।

1993 से 2004 की अवधि के आवंटनों को जांच के दायरे में लाकर यूपीए सरकार ने कोलगेट को यूपीए का सबसे बड़ा घोटाला साबित करने में जुटी भाजपा को भी इसके लपेटे में ले लिया है। मगर सरकार के इस फैसले को राजनीतिक विरोध के चश्मे से न देखा जाए इसलिए 1998 से 2004 की बजाय 1993 से आवंटित सभी ब्लॉकों को शामिल किया गया है। यानी एनडीए ही नहीं कांग्रेस की नरसिंह राव सरकार और संयुक्त मोर्चा की देवगौड़ा और गुजराल सरकारों का कार्यकाल भी जांच के दायरे में आ गया है।

सूत्रों के अनुसार कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल ने सीवीसी को 1993 से 2004 तक आवंटित कोल ब्लॉकों की सीबीआई जांच की सिफारिश की चिट्ठी 19 सितंबर को भेजी है। माना जा रहा है सरकार की सिफारिशों के मद्देनजर सीवीसी इन तमाम कोल ब्लॉकों की जांच सीबीआई को सुपुर्द कर देगा। गौरतलब है कि संदीप दीक्षित समेत कांग्रेस के आधा दर्जन सांसदों ने सीवीसी को बीते 5 सितंबर को एक पत्र लिखकर कैग से 1993 से आवंटित सभी ब्लॉकों की सीबीआई जांच की मांग की थी।

इसमें कंपनियों को आवंटित कोल ब्लॉक से हासिल अन्य लाभों यानी विंडफॉल गेन की आकलन रिपोर्ट को आधार बनाते हुए कहा गया था कि जब 2006 से 2009 के आवंटन में कंपनियों को यह लाभ हुआ है तो जाहिर तौर पर इससे पहले की कंपनियों को भी इसका फायदा हुआ होगा। इसके बाद दीक्षित ने 14 सितंबर को सीवीसी से की गई मांगों का हवाला देते हुए कोयला मंत्री को पत्र लिखा। सूत्रों के अनुसार इस पत्र में 1993 से 2004 तक आवंटित कोल ब्लॉकों में कैग के आकलन फार्मूले के हिसाब से गड़बड़ी होने की बात कही गई है। इसमें कथित गड़बड़ झाले के पांच बिंदुओं की सीबीआई से जांच की मांग की गई है।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

स्पॉटलाइट

सुभाष घई की 'हीरोइन' ने किया 38 साल बड़े हीरो के साथ लवमेकिंग सीन, तस्वीर वायरल

  • मंगलवार, 28 मार्च 2017
  • +

आशा पारेख की बायोग्राफी लॉन्च करेंगे सलमान खान

  • मंगलवार, 28 मार्च 2017
  • +

इन्वर्टिस के मेधावी छात्र वैभव सिंह बने आई.ए.एस

  • मंगलवार, 28 मार्च 2017
  • +

फिल्म 'स्पाइडर मैन होमकमिंग' का टीजर रिलीज

  • मंगलवार, 28 मार्च 2017
  • +

कभी होटल में रिसेप्‍शनिस्ट की जॉब करती थी ये एक्ट्रेस, अब लोगों को सिखाती हैं योग

  • मंगलवार, 28 मार्च 2017
  • +

Most Read

'विराट' के बाद नौसेना से एल्बाट्रॉस विमान की भी विदाई

India Navy Adieu Farewells To Albatross Patrol Aircraft
  • बुधवार, 8 मार्च 2017
  • +

अनुपम खेर ने पूछा- क्या राहुल गांधी राष्ट्रगान गा सकते हैं?

Can Rahul Gandhi sing national anthem, asks Anupam Kher
  • सोमवार, 5 दिसंबर 2016
  • +

संविधान के दायरे में कश्मीर पर बातचीत के लिए तैयारः अमित शाह

We are ready to talk on Kashmir, say Amit Shah in Party national council meeting
  • रविवार, 25 सितंबर 2016
  • +

आपराधिक पृष्ठभूमि वालों को चुनाव लड़ने से नहीं रोक सकते : हाईकोर्ट

allahabad highcourt says over criminal election contestent
  • शनिवार, 21 जनवरी 2017
  • +

भारत में रह रहीं दो पाकिस्तानी महिलाएं लापता

 Two Pakistani women married to Indians go missing
  • बुधवार, 26 अक्टूबर 2016
  • +
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top