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चंडीगढ़ के नीचे दफन है ‘हड़प्पा के गांव’

चंडीगढ़/आशीष तिवारी

Updated Sat, 27 Oct 2012 07:48 PM IST
chandigarh is buried under village of Harappa
जिस चंडीगढ़ की सड़कों पर आज फर्राटे से कारें दौड़ रही हैं, उसके नीचे मानव इतिहास की ऐतिहासिक और अनमोल धरोहर दफन है। जहां आज सेक्टर-17 है, वहां करीब पांच हजार साल पहले हड़प्पाकालीन बस्ती हुआ करती थी।
इस बात का खुलासा 1967 में चंडीगढ़ विस्तार के दौरान ही हो गया था, लेकिन इन्हें सहेजने की प्रशासन ने जरूरत नहीं समझी। इसका नतीजा यह हुआ कि आज इस दुर्लभ खजाने के ऊपर बड़ी-बड़ी इमारतें खड़ी हैं। शनिवार से चंडीगढ़ में शुरू हुई इंटरनेशनल कांफ्रेंस ऑन हड़प्पन आर्कियोलॉजी में शिरकत करने पहुंचे विशेषज्ञों ने अमर उजाला को तमाम ऐसी जानकारियां दी, जो अब तक छिपी हुई थी।

1972 में आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (एएसआई) से बतौर महानिदेशक रिटायर होने वाले पद्मभूषण प्रो. बीबी लाल ने बताया कि जब चंडीगढ़ का विस्तार हो रहा था तब कुछ बिल्डिंग्स के निर्माण के दौरान हुई खुदाई में अवशेष मिले।

वह इन अवशेषों का निरीक्षण करने आए थे तो उन्होंने पाया कि ये पांच हजार साल पुरानी हड़प्पाकालीन सभ्यता के हैं। उन्होंने कहा कि इसको बचाया जा सकता था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ और ये अवशेष इमारतों के नीचे दफन हो गए। प्रो. लाल ने कहा कि यदि इनको बचाया जाता तो शहर के पर्यटन के लिहाज से भी बेहतर होता।

शहर में 30 जगह पर मिले थे अवशेष
चंडीगढ़ आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के सुपरिटेंडिंग आर्कियोलॉजिस्ट वीसी शर्मा ने बताया कि शहर में ऐसी तकरीबन तीस साइट हैं जो हड़प्पा सभ्यता की धरोहर हैं। ये धरोहर खुदाई के दौरान मिले अवशेषों के आधार पर बनी हैं। एक रिटायर्ड अधिकारी ने बताया कि जब चंडीगढ़ में ये अवशेष मिले तो तत्कालीन प्रशासन को इन साइट को प्रीजर्व करने को कहा गया था, लेकिन प्रशासन ने उनके विभाग की एक नहीं सुनी और वहां पर बिल्डिंग्स बना दी।

चंडीगढ़ से होता था मेसोपोटामिया में व्यापार
पांच हजार साल पुराने हड़प्पा के शहर और अब के चंडीगढ़ से मेसोपोटामिया जो अब इराक है, में व्यापार होता था। एएसआई के रिटायर्ड ज्वाइंट डायरेक्टर रविंदर सिंह बिष्ट ने बताया कि दोनों सभ्यताओं के बीच में ज्वेलरी, कॉपर और लैपिस का व्यापार होता था।

इनके नीचे और आसपास दफन है हड़प्पा के गांव
- सेक्टर-17 में कश्मीर इंपोरियम।
 - सेक्टर-17 की अंडरग्राउंड पार्किंग।
- पीएसआईडीसी की बिल्डिंग। 1985 में इस जगह पर खुदाई के दौरान महज आठ फीट नीचे हड़प्पा संस्कृति के अवशेष मिले थे।
- इंडियन बैंक बिल्डिंग
- यूनियन बैंक बिल्डिंग
- हॉट मिलियन के आसपास का इलाका
(इन जगहों पर खुदाई के दौरान विदेशी व्यापारिक गतिविधियों के सबूत, सील और बैलगाड़ी समेत कंकाल भी मिला था)

चंडीगढ़ की तमाम साइट्स को हड़प्पा सभ्यता के आधार पर प्रीजर्व किया जाना था, लेकिन कई कारणों से ऐसा नहीं हो सकता। अगर इन साइट्स को सहेज कर रखा जाता तो चंडीगढ़ प्राचीन और आधुनिक संस्कृति का बेजोड़ संगम होता। - केके रिषी, स्टेट आर्कियोलॉजिस्ट, पंजाब
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