आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

गुजरात चुनाव : हावी रहेंगे जाति समीकरण

नोएडा/इंटरनेट डेस्क

Updated Sun, 25 Nov 2012 11:53 AM IST
caste equation will continue to dominate gujarat election
गुजरात विधानसभा के दिसंबर में होनेवाले चुनाव में इस बार भी जाति समीकरण हावी रहने की संभावना है। 70 फीसदी पटेल मतदाताओं में से ज्यादातर पर भाजपा की पकड़ है, लेकिन केशूभाई पटेल के मैदान में उतरने से किसे कितना नफा-नुकसान होता है यह 20 दिसंबर को सामने आएगा।
देशभर में जातिवाद के आधार पर लडे जाते चुनावों से अब गुजरात भी अछूता नहीं है। कांग्रेस माधवसिंह सोलंकी ने 1985 में क्षत्रिय, हरिजन, आदिवासी और मुस्लिम (केएचएएम) ‘खाम’ थियरी अपनाई और गुजरात विधानसभा की 182 में से 149 सीटों पर ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी, लेकिन 1990 में कांग्रेस के पूर्व नेता और मुख्यमंत्री चिनभाई पटेल गुजरात जनता दल का गठन कर भाजपा की मदद से सत्ता प्राप्त करने में सफल रहे। इसी दौरान राम जन्मभूमि आंदोलन ने राज्य के जाति आधारित राजनीति को छिन्न-भिन्न कर दिया।

वर्ष 1995 के दौरान राम जन्मभूमि आंदोलन को लेकर बही हिन्दुत्व की लहर में भाजपा ने गुजरात की सत्ता प्राप्त की। 1998 के बाद 2002 में भाजपा का गोधरा कांड और दंगों का राजनीतिक लाभ मिला। हांलाकि 2007 के विधानसभा चुनाव तक हिन्दुत्व का मुद्दा खत्म हो चुका था। जिससे भाजपा ने जाति के आधार पर उम्मीदवारों का चयन किया और गुजरात में सत्ता बरकरार रखी। अबकि बार जाति समीकरण ही चुनाव में पर हावी रहने की संभावना है।

गांधीनगर की गद्दी पाने के लिए पाटीदारों के वर्चस्व को बहुत बड़ा राजनीतिक समीकरण माना जाता है। राज्य में जातिवार मतदाताओं पर नजर करें तो ओबीसी के कुल 1.28 करोड़ मतदाता हैं। जिनमें ठाकोर, कोली, सुथार, दर्जी जैसी कई जातियां शामिल हैं। लेकिन सबसे अधिक मतदाता पाटीदार जाति के ही हैं। जबकि ब्राह्मण और जैन मतदाताओं की संख्या 47 लाख है। इसके अलावा 51 लाख आदिवासी, 30.69 लाख दलित तथा 41 लाख मुस्लिम मतदाता हैं।

एक समय था जब गुजरात की राजनीति में ब्राह्मण और जैनों का प्रभुत्व था। वर्ष 1960 से अब तक सबसे अधिक शासन ब्राह्मण और वणिक मुख्यमंत्रियों ने ही किया है, जिसमें ब्राह्मण और वणिक के सात मुख्यमंत्री शामिल हैं। जबकि पटेल और ओबीसी जाति के तीन-तीन मुख्यमंत्रियों ने गुजरात में शासन किया है।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

स्पॉटलाइट

इसी 'हीरोइन के प्यार में' सलमान का हो गया था 'ऐसा हाल', एक ही फिल्म से रातोंरात बन गई थी स्टार

  • गुरुवार, 22 जून 2017
  • +

पटौदी खानदान की इस बेटी के बारे में नहीं जानते होंगे, संभालती है 2700 करोड़ की विरासत

  • गुरुवार, 22 जून 2017
  • +

पति से भी ज्यादा अमीर हैं बॉबी देओल की पत्नी, फर्नीचर का बिजनेस कर बनी करोड़पति

  • गुरुवार, 22 जून 2017
  • +

ग्रेजुएट्स के लिए Delhi Metro में नौकरी, 50 हजार सैलरी

  • गुरुवार, 22 जून 2017
  • +

किस्मत बिगाड़ देते हैं घर में सजावट के लिए रखे पत्थर, जानें कैसे?

  • गुरुवार, 22 जून 2017
  • +

Most Read

अनुपम खेर ने पूछा- क्या राहुल गांधी राष्ट्रगान गा सकते हैं?

Can Rahul Gandhi sing national anthem, asks Anupam Kher
  • सोमवार, 5 दिसंबर 2016
  • +

'विराट' के बाद नौसेना से एल्बाट्रॉस विमान की भी विदाई

India Navy Adieu Farewells To Albatross Patrol Aircraft
  • बुधवार, 8 मार्च 2017
  • +

आपराधिक पृष्ठभूमि वालों को चुनाव लड़ने से नहीं रोक सकते : हाईकोर्ट

allahabad highcourt says over criminal election contestent
  • शनिवार, 21 जनवरी 2017
  • +
Live-TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top