आपका शहर Close

कैश सब्सिडी पर तेज हुई सियासी तकरार

नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो

Updated Tue, 04 Dec 2012 12:56 AM IST
cash subsidies wrangling intensified
कैश सब्सिडी योजना को लेकर चुनाव आयोग से लेकर विपक्ष के निशाने पर आई यूपीए सरकार ने अपना बचाव करते हुए कहा है कि इस मामले में चुनाव आचार संहिता का कोई उल्लंघन नहीं हुआ है। इस दावे के साथ सरकार ने भले ही चुनाव आयोग को सफाई भेज दी है, लेकिन इस मुद्दे पर सियासी तकरार तेज हो गई है। भाजपा समेत विपक्ष ने सरकार पर हल्ला बोलते हुए आरोप लगाया है कि गुजरात चुनाव में मतदाताओं को लुभाने के लिए ही यह कदम उठाया गया है। इस बीच चुनाव आयोग ने सरकार की सफाई पर सोमवार शाम बैठक कर चर्चा की और मंगलवार को आयोग इस मामले में अपना फैसला सुना सकता है।

कैश सब्सिडी को सीधे आम आदमी के खाते में पहुंचाने की सरकार की मंशा पर उंगली उठाते हुए विपक्षी दलों ने कहा है कि योजना के ऐलान का गलत समय चुना गया है। हालांकि विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए केंद्रीय दूर संचार मंत्री कपिल सिब्बल और सूचना प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने कहा कि पिछले बजट में तत्कालीन वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी ने अपने भाषण में इसकी घोषणा की थी। अब उस घोषणा पर अमल किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार का मानना है कि प्रत्यक्ष या परोक्ष तौर पर चुनाव आचार संहिता का कोई उल्लंघन नहीं किया गया है। दूसरी ओर भाजपा, जदयू, भाकपा से लेकर सपा ने आरोप लगाया कि सरकार ने गुजरात के मतदाताओं को लुभाने के लिए इस योजना का ऐलान किया।

भाजपा प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि सरकार को बताना चाहिए कि राजस्थान में सीधे नकदी हस्तांतरण योजना विफल क्यों हुई। उन्होंने कहा कि भाजपा सार्वजनिक वितरण प्रणाली खत्म करने के सख्त खिलाफ है। जदयू नेता शिवानंद तिवारी ने इसे मतदाताओं को लुभाने का प्रयास करार दिया है।  सपा महासचिव रामगोपाल यादव ने भी सरकार की खिंचाई करते हुए कहा कि इसके ऐलान का समय गलत है, गुजरात के मतदाताओं को लुभाने के लिए इसकी घोषणा की गई। भाकपा सचिव डी राजा ने कहा कि कांग्रेस शुरू से ही ऐसे हथकंडे अपनाती रही है। दूसरी ओर कांग्रेस ने योजना को सही ठहराते हुए विपक्ष पर ही निशाना साध दिया है।

भाजपा को साफ करना चाहिए कि वह इस योजना के पक्ष में है या इसके खिलाफ। भाजपा को यह भी बताना चाहिए कि क्या जनता का धन सीधे जनता के हाथ में जाना चाहिए या नहीं।
मनीष तिवारी, केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री


सरकार को बताना चाहिए कि यह योजना उसकी है या कांग्रेस पार्टी की क्योंकि सरकार के दो मंत्रियों ने कांग्रेस मुख्यालय से इसका ऐलान किया। वह भी तब, जब संसद सत्र चल रहा है।
वेंकैया नायडू, भाजपा


कैश ट्रांसफर पॉलिसी का लाभ गरीबों को नहीं : अन्ना
यूपीए सरकार की कैश ट्रांसफर पॉलिसी का विरोध करते हुए कहा कि इससे केवल कांग्रेसी कार्यकर्ताओं का भला होगा न कि गरीबों का। सोमवार को यहां सीताराम जिंदल एवार्ड समारोह में आए अन्ना ने सरकार की कैश ट्रांसफर नीति के बारे में सवाल पूछे जाने पर कहा कि यह योजना आगामी चुनाव को ध्यान में रखकर लाई गई है। भ्रष्ट्राचार से लड़ने के कारण स्वर्गीय सत्येंद्र दुबे को सीताराम जिंदल एवार्ड से पुरस्कृत किया गया। यहां मौजूद श्री श्री रवि शंकर ने कहा कि युवाओं और नेताओं को प्रशंसा और निंदा दोनों को समान भाव से ग्रहण करना चाहिए।

Comments

स्पॉटलाइट

बेगम करीना छोटे नवाब को पहनाती हैं लाखों के कपड़े, जरा इस डंगरी की कीमत भी जान लें

  • बुधवार, 22 नवंबर 2017
  • +

Bigg Boss 11: फिजिकल होने के बारे में प्रियांक ने किया बड़ा खुलासा, बेनाफशा का झूठ आ गया सामने

  • बुधवार, 22 नवंबर 2017
  • +

Photos: शादी के दिन महारानी से कम नहीं लग रही थीं शिल्पा, राज ने गिफ्ट किया था 50 करोड़ का बंगला

  • बुधवार, 22 नवंबर 2017
  • +

ऋषि कपूर ने पर्सनल मैसेज कर महिला से की बदतमीजी, यूजर ने कहा- 'पहले खुद की औकात देखो'

  • बुधवार, 22 नवंबर 2017
  • +

पुनीश-बंदगी ने पार की सारी हदें, अब रात 10.30 बजे से नहीं आएगा बिग बॉस

  • बुधवार, 22 नवंबर 2017
  • +

Most Read

पुरुषों के आत्महत्या करने की खबर कभी नहीं सुनी : मेनका 

Never heard of men committing suicide, Says Minister Maneka Gandhi
  • शुक्रवार, 30 जून 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!