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टाइगर रिजर्व के कोर एरिया में पर्यटन पर लगी रोक हटी

नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो

Updated Tue, 16 Oct 2012 11:55 PM IST
ban on core areas of tiger reserve lifted
सुप्रीम कोर्ट ने टाइगर रिजर्व के सघन क्षेत्रों में पर्यटन संबंधी गतिविधियां फिर शुरू करने की अनुमति प्रदान कर दी है। सर्वोच्च अदालत ने यह मंजूरी केंद्र सरकार की ओर से बाघ संरक्षण के लिए नए दिशानिर्देश अधिसूचित किए जाने के बाद मंगलवार को दी। दिशानिर्देशों में बाघ संरक्षित क्षेत्र के सघन इलाके का 20 फीसदी हिस्सा पर्यटन में इस्तेमाल करना तय किया गया है।
जस्टिस एके पटनायक और जस्टिस स्वतंत्र कुमार की पीठ ने टाइगर रिजर्व के संदर्भ में केंद्र सरकार के नए दिशानिर्देशों को हरी झंडी देते हुए अपने 24 जुलाई के आदेश में सुधार कर दिया। इसी आदेश के तहत शीर्ष अदालत ने टाइगर रिजर्व के सघन और उसके आसपास के इलाके में पर्यटन से संबंधित गतिविधियों पर अंतरिम रोक लगाई थी।

हालांकि पीठ ने आदेश में स्पष्ट किया कि अदालत न तो इन दिशानिर्देशों को वैध और न ही अवैध करार दे रही है। सर्वोच्च अदालत ने राज्य सरकारों को निर्देश दिया कि आदेश की तिथि से छह माह के भीतर संरक्षित क्षेत्र के लिए योजना तैयार करके बाघ संरक्षण प्राधिकरण को सौंपी जाए।

सर्वोच्च अदालत ने कहा कि इस अधिसूचना से पीड़ित कोई भी पक्ष इसे उचित प्राधिकरण या अदालत के समक्ष चुनौती देने के लिए स्वतंत्र है। वहीं एडिशनल सॉलिसिटर जनरल इंदिरा जयसिंह ने पीठ को सूचित किया कि देश के 41 टाइगर रिजर्व के लिए 15 अक्तूबर को अधिसूचना जारी कर दी गई है। मालूम हो कि सरकार ने 9 अक्तूबर को अदालत को बताया था कि संरक्षित क्षेत्र के बारे में नए दिशानिर्देश एक सप्ताह के भीतर अधिसूचित कर दिए जाएंगे।

अदालत ने इस मसले पर 24 जुलाई को वन्यजीव संरक्षक अजय दुबे की जनहित याचिका पर टाइगर रिजर्व के सघन इलाकों में पर्यटन पर प्रतिबंध लगा दिया था। दुबे ने याचिका में टाइगर रिजर्व के सघन इलाकों में वाणिज्यिक पर्यटन की गतिविधियों को हटाने का निर्देश जारी करने का अनुरोध किया था।

क्या हैं राज्यों के लिए केंद्र के नए दिशानिर्देश

-टाइगर रिजर्व के सघन क्षेत्र का अधिकतम 20 फीसदी ही पर्यटन के लिए इस्तेमाल किया जाए
-सघन क्षेत्र में प्रवास क्षेत्रों के भीतर स्थित स्थायी पर्यटक सुविधाओं को चरणबद्ध तरीके से हटाया जाए
-कोई भी नया निर्माण नहीं कराया जाएगा
-पर्यटकों को वन्यजीवों से कम से कम 20 मीटर की दूरी पर रखने के उपाय हों
-वन्यजीव संरक्षण कानून 1972 और मौजूदा दिशानिर्देशों के तहत राज्यों को अपने अधिकार क्षेत्र के दायरे में टाइगर रिजर्व के  सघन और मध्यवर्ती क्षेत्रों की सूची अधिसूचित करनी होगी।
-अब टाइगर रिजर्व और उनके आसपास रह रहे आदिवासियों के पुनर्वास की भी योजना बनाई जा रही है।

सरिस्का और रणथम्भौर पर्यटकों के लिए खुले

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राजस्थान के सरिस्का और रणथम्भौर टाइगर रिजर्व को पर्यटकों के लिए बुधवार से खोलने का फैसला राज्य सरकार ने किया है।
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