आपका शहर Close

काले धन से संपत्ति खरीद पर खेमका का शिकंजा!

चंडीगढ़/डॉ. सुरेंद्र धीमान

Updated Wed, 24 Oct 2012 10:54 AM IST
ashok khemka make new rules for land transaction
वाड्रा-डीएलएफ के बीच जमीन की डील को रद करने के आदेश के बाद चर्चा में आए हरियाणा कैडर के सीनियर आईएएस डॉ. अशोक खेमका अपने तबादले से एक दिन पहले रजिस्ट्री करने के ऐसे नए नियम बना गए हैं, जो अब राज्य सरकार के लिए गले की फांस बन गए हैं।
10 अक्तूबर को बनाए इन रूल्स पर अमल से न सिर्फ रीयल एस्टेट का कारोबार करने वाली कंपनियों की संपत्ति का पता लग सकेगा, बल्कि काले धन से या बेनामी संपत्ति खरीदने वालों पर भी नकेल कसी जा सकेगी। ये रूल्स उन्होंने सभी जिला उपायुक्तों को भेज दिए हैं और आम जनता को बताने के लिए इन्हें हरियाणा सरकार के पास अधिसूचित करने के लिए भेज दिया है।

इंस्पेक्टर जनरल ऑफ रजिस्ट्रेशन की हैसियत से डा. अशोक खेमका ने रजिस्ट्रेशन एक्ट 1908 की धारा 69 (1) के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए पहली बार हरियाणा में ‘द हरियाणा रजिस्ट्रेशन रूल्स 2012’ बनाए हैं। इन रूल्स की धारा दो और तीन तो तुरंत प्रभाव से लागू करने के लिए राज्य के सभी जिला उपायुक्तों कम रजिस्ट्रारों को खेमका ने रूल्स की प्रति भेज कर कहा है कि धारा चार को एक अक्तूबर 2013 से लागू किया जाए। उन्होंने अतिरिक्त मुख्य सचिव राजस्व को इन रूल्स की प्रति भेजकर मंजूरी देने और सरकारी गजट में अधिसूचित करने को कहा है।

नए नियमों से ऐसे पता चलेगा संपत्तियों का
धारा दो: ग्राम पंचायत की कोई भी तब्दील की गई अचल संपत्ति या शामलात देह जमीन की रजिस्ट्री तब तक न की जाएगी जब तक ग्राम पंचायत प्रस्ताव पारित न कर दे और विकास एवं पंचायत विभाग की तरफ से राज्य सरकार उसे मंजूरी न दे दे।

धारा तीन: ग्राम पंचायत या शामलात जमीन का मालिकाना हक तब तक तब्दील न किया जाए जब तक ग्राम पंचायत प्रस्ताव पारित न कर दे और संबंधित रजिस्ट्रार (जिला उपायुक्त) उस प्रस्ताव को मंजूरी न दे दे।

‘आधार कार्ड’ के जरिए यूं पता चलेगी बेनामी संपत्ति
धारा चार: कोई भी दस्तावेज तब तक रजिस्टर्ड न किया जाए जब तक बेचने वाला और खरीदने वाला ये दस्तावेज उपलब्ध न कराए
  • अगर रजिस्ट्री एक व्यक्ति के नाम होनी तो यूनीक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी आफ इंडिया द्वारा जारी ‘आधार नंबर’
  • अगर फर्म के नाम रजिस्ट्री होनी है या बेचनी है तो फर्म के सभी हिस्सेदारों के ‘आधार नंबर’
  • अगर भारत में पंजीकृत कंपनी के नाम पर खरीद-फरोख्त होनी है तो कारपोरेट मंत्रालय द्वारा जारी ‘कारपोरेट आइडेंटिटी नंबर’ (सीआईएन)
  • ट्रस्ट, सोसाइटी, संवैधानिक संस्थान जैसी किसी अन्य प्रकार की संस्था के मामले में संस्थान के मुखिया और संस्थान द्वारा प्राधिकत व्यक्ति का ‘आधार नंबर’
  • विदेशी व्यक्ति या संस्थानों के मामले में विदेश मंत्रालय द्वारा जारी कोई भी ‘पहचान’ (यह धारा एक अक्तूबर 2013 से लागू होगी।)
'हां, मैंने रजिस्ट्रेशन एक्ट 1968 के सेक्शन 69 (1) से मिली शक्ति के आधार पर पहली बार रजिस्ट्रेशन रूल्स अधिसूचित कर दिए थे। अधिकारियों को इनका पालन करने के लिए मेरी अधिसूचना काफी है, जबकि आम जनता को सूचना देने के लिए सरकार द्वारा सरकारी गजट में अधिसूचना जारी करनी होती है।'
- डॉ. अशोक खेमका, तत्कालीन इंस्पेक्टर जनरल आफ रजिस्ट्रेशन, हरियाणा
Comments

स्पॉटलाइट

चंद दिनों में बालों को घना काला करता है लहसुन का ये चमत्कारी पेस्ट

  • सोमवार, 16 अक्टूबर 2017
  • +

Dhanteras 2017: इन चीजों को खरीदने में दिखाएंगे जल्दबाजी तो होगा नुकसान, जानें कैसे

  • मंगलवार, 17 अक्टूबर 2017
  • +

पकड़ने गए थे मछली, व्हेल ने कुछ ऐसा उगला मछुआरे बन गए करोड़पति

  • सोमवार, 16 अक्टूबर 2017
  • +

इस दीपावली घर का रंग-रोगन हो कुछ ऐसा कि दीवारें भी बोल उठें 'हैप्पी दिवाली'

  • मंगलवार, 17 अक्टूबर 2017
  • +

कहीं मजाक करते समय अपने पार्टनर का दिल तो नहीं तोड़ रहे आप?

  • सोमवार, 16 अक्टूबर 2017
  • +

Most Read

पुरुषों के आत्महत्या करने की खबर कभी नहीं सुनी : मेनका 

Never heard of men committing suicide, Says Minister Maneka Gandhi
  • शुक्रवार, 30 जून 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!