आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

...पैंतीस साल से चल रही है यह हड़ताल

मुरादाबाद/ब्यूरो

Updated Mon, 03 Dec 2012 11:14 AM IST
advocate strike is continue for thirty five years
शायद यह आजाद हिंदुस्तान की सबसे लंबी हड़ताल होगी। दिन, महीने और साल नहीं बल्कि तीन दशक से भी ज्यादा वक्त से पश्चिम उत्तर प्रदेश के अधिवक्ता हड़ताल पर हैं। हर शनिवार को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 22 जिलों के अधिवक्ता न्यायिक कार्यों से विरत रहते हैं। यह सिलसिला पिछले करीब 35 सालों से बदस्तूर चला आ रहा है। वकील पश्चिम उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट की बेंच स्थापित करने की मांग कर रहे हैं। लेकिन सालों लंबी हड़ताल भी इनकी बात नहीं मनवा सकी है।
पश्चिम उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट की बेंच स्थापित करने की मांग कर रहे अधिवक्ताओं ने बाकायदा इसके लिए ‘पश्चिमी उत्तर प्रदेश उच्च न्यायालय स्थापना संघर्ष समिति’ की स्थापना कर रखी है। मेरठ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष इसके चेयरमैन और सेक्रेटरी समिति के सेक्रेटरी होते हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 22 जिलों की बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और सेक्रेटरी भी इस समिति के सदस्य होते हैं।

द बार एसोसिएशन एंड लाइब्रेरी के अध्यक्ष एडवोकेट प्रेम सिंह का कहना है कि बेंच स्थापित होने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 22 जिलों की पब्लिक को सस्ता और सुलभ न्याय मिल सकेगा। उनका कहना है कि पिछले 35 सालों से अधिवक्ता हर शनिवार को हड़ताल पर रहते हैं। यदि संघर्ष समिति हड़ताल के दिनों में बढ़ोत्तरी का फैसला लेती है तो वह भी किया जाएगा। यानी मांग मनवाने के लिए अधिवक्ता सप्ताह में एक दिनी हड़ताल को बढ़ाकर दो दिनी भी कर सकते हैं। बीच- बीच में ऐसा किया भी गया है कि शनिवार के साथ शुक्रवार को भी वकीलों ने काम नहीं किया।

इन जिलों की पब्लिक को होगा फायदा
- बरेली, बदायूं, रामपुर, मुरादाबाद, अमरोहा, संभल, बिजनौर, बुलंदशहर, अलीगढ़, आगरा, मथुरा, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, हापुड़, मेरठ, सहारनपुर, बागपत, मुजफ्फरनगर, हाथरस, एटा, मैनपुरी आदि।

कहां फंसा है पेंच
हाईकोर्ट बेंच की स्थापना का प्रपोजल प्रदेश सरकार को भेजना है। जिस पर केंद्र को फैसला लेना है। लेकिन हाईकोर्ट की बेंच को लेकर वकील ही दो खेमों में बंटे हैं। पश्चिम उत्तर प्रदेश के अधिवक्ता जहां हाईकोर्ट बेंच की स्थापना के लिए संघर्ष कर रहे हैं वहीं इलाहाबाद और आसपास के जिलों के अधिवक्ता इसके खिलाफ हैं। उनका तर्क है कि हाईकोर्ट एक ही जगह रहे, जिससे काम का माहौल बना रहता है। वकीलों के दो खेमों में बंटे होने की वजह से ही सरकारें इस हड़ताल को लेकर असमंजस की स्थिति में रही हैं।

क्या है नुकसान
35 साल लंबी इस हड़ताल का खामियाजा वादकारियों को उठाना पड़ता है। शनिवार को अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहते हैं। ऐसे में कोर्ट कचहरी में उनके मुकदमों की पैरवी प्रभावित होती है।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

स्पॉटलाइट

सलमान-कैटरीना की नजदीकियों से भड़के यूलिया वंतूर के फैंस, किए भद्दे कमेंट

  • बुधवार, 22 मार्च 2017
  • +

'NEET-2017' मामले की 31 मार्च को सुप्रीम कोर्ट करेगा सुनवाई

  • बुधवार, 22 मार्च 2017
  • +

क्या सोते समय मुंह से बहती है लार? छुटकारा दिलाएंगे ये उपाय

  • बुधवार, 22 मार्च 2017
  • +

एएचओ के साथ हौंडा एविएटर लॉन्च, जानें खूबियां

  • बुधवार, 22 मार्च 2017
  • +

लगातार फ्लॉप के बाद लापता हुई ये एक्ट्रेस, अब संभाल रही 600 करोड़ की कंपनी

  • बुधवार, 22 मार्च 2017
  • +

Most Read

'विराट' के बाद नौसेना से एल्बाट्रॉस विमान की भी विदाई

India Navy Adieu Farewells To Albatross Patrol Aircraft
  • बुधवार, 8 मार्च 2017
  • +

अनुपम खेर ने पूछा- क्या राहुल गांधी राष्ट्रगान गा सकते हैं?

Can Rahul Gandhi sing national anthem, asks Anupam Kher
  • सोमवार, 5 दिसंबर 2016
  • +

संविधान के दायरे में कश्मीर पर बातचीत के लिए तैयारः अमित शाह

We are ready to talk on Kashmir, say Amit Shah in Party national council meeting
  • रविवार, 25 सितंबर 2016
  • +

आपराधिक पृष्ठभूमि वालों को चुनाव लड़ने से नहीं रोक सकते : हाईकोर्ट

allahabad highcourt says over criminal election contestent
  • शनिवार, 21 जनवरी 2017
  • +

भारत में रह रहीं दो पाकिस्तानी महिलाएं लापता

 Two Pakistani women married to Indians go missing
  • बुधवार, 26 अक्टूबर 2016
  • +
TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top