आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजकोषीय घाटा रोक रहा निवेश की राह

नई दिल्ली/एजेंसी

Updated Thu, 01 Nov 2012 06:36 PM IST
Manmohan Singh says fiscal deficit as deterrent for investment
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने ऊंचे राजकोषीय घाटे को घरेलू एवं विदेशी निवेश की राह में बड़ी बाधा करार देते हुए इसे काबू में लाने की बात कही है। पीएम ने बुनियादी ढांचागत क्षेत्र (इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर) के विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि 12वीं पंचवर्षीय योजना ढांचागत क्षेत्र में करीब 1,000 अरब (एक ट्रिलियन) डॉलर के निवेश लक्ष्य हासिल करने के लिए घाटे और निवेश में सुस्ती जैसी बाधाओं से पार होना होगा।
केंद्रीय कैबिनेट में फेरबदल के बाद मंत्रिपरिषद की पहली बैठक को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री कहा कि देश में बुनियादी ढांचे का विकास करना सरकार के एजेंडे में शीर्ष पर है। बुनियादी ढांचा क्षेत्र के लिए तय लक्ष्य हासिल करने के लिए निवेशकों के मन की उन सभी शंकाओं का समाधान करना होगा, जोकि निवेश की प्र्रक्रिया को मंद कर रही हैं।

ईंधन आपूर्ति, सुरक्षा और पर्यावरण मंजूरी में आने वाली दिक्कतें बाधाएं उद्योगों की रफ्तार में भी आड़े आ रही हैं। बिजली की मांग और आपूर्ति में बढ़ रहा अंतर देश के आर्थिक विकास के लिए प्रमुख बाधा बनकर उभरा है। इसलिए अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए इन सभी का सिलसिलेवार ढंग से निराकरण करना होगा। इसके लिए उन्होंने जरूरी मुद्दों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के लिए आम सहमति बनाने पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि आर्थिक विकास की बाधाओं को दूर करने के लिए जरूरी है कि ऐसे मुद्दों पर सरकार में साझा सहमति हो और ऐसा तंत्र विकसित करते हुए सुधारात्मक उपाय किये जाएं, जिससे इन कमियों को प्राथमिकताओं के आधार पर दूर किया जा सके।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार को राजनीतिक कैलेंडर के संदर्भ में काम करना होता है। इसलिए हमें यह बात भी नहीं भूलनी चाहिए कि हम राष्ट्र निर्माण के लक्ष्य में शामिल हैं। इसमें संदेह नहीं कि जो समय बचा है, उसी के भीतर मंत्रिपरिषद का हर सदस्य अधूरे लक्ष्य को पूरा करने के सर्वश्रेष्ठ प्रयास करेगा।

वरिष्ठ कैबिनेट मंत्रियों को कामकाज में तेजी लाने की ओर इशारा करते हुए प्रधानमंत्री ने इस दिशा में युवा मंत्रियों का भरपूर सहयोग लेने को कहा। मंत्रिपरिषद में कई युवा और ऊर्जावान लोग शामिल हुए हैं। इसलिए वरिष्ठ कैबिनेट सहयोगियों से आग्रह है कि वे राज्य मंत्रियों की क्षमताओं का पूरा उपयोग करें।
 
प्रधानमंत्री ने सरकार की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए कहा कि हमें अपनी सफलताओं पर गर्व करना चाहिए और यह बात पहचानना महत्वपूर्ण है कि हम इस समय एक कठिन ग्लोबल आर्थिक माहौल का सामना कर रहे हैं। ग्लोबल आर्थिक सुस्ती के चलते हमारी वृद्धि दर घटी है और निर्यात में गिरावट आई है, जिससे हमारा राजकोषीय घाटा बढ़ रहा है। ऐसे में स्वाभाविक रूप से सरकार की मुख्य चिंता राजकोषीय घाटे को लेकर है, जो जरूरत से ऊंचे स्तर पर बना हुआ है और यह घरेलू व विदेशी निवेश में बाधा बन रहा है।

उन्होंने कहा कि इन मुद्दों का देश की अर्थव्यवस्था के कई पहलुओं पर असर पड़ा है। ऐसे में हमारे एजेंडा में सबसे ऊपर जो क्षेत्र है और जिसपर विशेष ध्यान दिए जाने की जरूरत है, वह ढांचागत क्षेत्र है।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

स्पॉटलाइट

इस हीरोइन की मजबूरी के चलते खुल गई थी मनीषा की किस्मत, शाहरुख के साथ बनी थी 'जोड़ी'

  • सोमवार, 21 अगस्त 2017
  • +

रोजाना लस्सी का एक गिलास कर देगा सभी बीमारियों को छूमंतर

  • सोमवार, 21 अगस्त 2017
  • +

LFW 2017: शो के आखिरी दिन लाइमलाइट पर छा गए जैकलीन और आदित्य

  • सोमवार, 21 अगस्त 2017
  • +

फैशन नहीं लड़कों की दाढ़ी के पीछे छिपा है ये राज, क्या आपको पता है?

  • सोमवार, 21 अगस्त 2017
  • +

एक असली शापित गुड़िया जिस पर बनी है फिल्म, जानें इसकी पूरी कहानी...

  • सोमवार, 21 अगस्त 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!