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वाराणसी में चार दिवसीय इंडिया कार्पेट एक्सपो शुरू

वाराणसी/अमर उजाला ब्यूरो

Updated Fri, 12 Oct 2012 11:50 PM IST
four day India Carpet Expo in Varanasi
कालीन निर्यात को बढ़ावा देने के लिए सरकार कई योजनाएं चला रही है। ऐसे में निर्यातकों को सरकार पर दोष नहीं मढ़ना चाहिए। प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार और योजना आयोग के सदस्य सोमित्र चौधरी का कहना है कि निर्यातक यदि अपने प्राफिट में से श्रमिकों को अच्छा वेतन दें तो कोई श्रमिक नहीं भागेगा। मनरेगा के चलते श्रमिकों की कमी की बात गलत है।
सोमित्र चौधरी ने संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय परिसर में कालीन निर्यात संवर्धन परिषद द्वारा आयोजित इंडिया कार्पेट एक्सपो के उद्घाटन समारोह में कहा कि लोगों में गोल्ड में निवेश करने की प्रवृत्ति तेजी बढ़ी है। 115 मिलियन डॉलर के आयात में 62 मिलियन डालर केवल गोल्ड का है। यदि लोग बैंकों, डाकखाने, म्यूचुअल फंड में निवेश करें तो देश का विकास तेजी से होगा।

इस मौके पर किरन धींगरा ने बताया कि मनरेगा को कालीन उद्योग से जोड़ने की कोई योजना नहीं है। सरकारी रुपये का निजी प्रॉफिट के लिए उपयोग नहीं किया जा सकता। पिछले साल के मुकाबले इस साल टेक्सटाइल निर्यात में सात और कालीन निर्यात में 23 फीसदी बढ़ोतरी हुई है।

समारोह में डायरेक्टर जनरल फॉरेन ट्रेड अनूप के. पुजारी, विकास आयुक्त शिवशंकरी गुप्ता, सीईपीसी के निदेशक शिवकुमार गु्प्ता, वरिष्ठ सहायक निदेशक वीके सिन्हा आदि उपस्थित थे। स्वागत सीईपीसी के अध्यक्ष सिद्धनाथ सिंह ने किया। इस चार दिवसीय मेले के पहले दिन 165 देशी और विदेशी ग्राहक शामिल हुए। निर्यातकों को लगभग 80 करोड़ की खरीदारी का आश्वासन मिला।

25 लाख की कालीन आकर्षण का केंद्र
इंडिया कार्पेट एक्सपो में पायल इंटर प्राइजेज स्टाल एल-4 पर सिल्क की बनी 25 लाख रुपये की कालीन आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इसकी साइज 50 गुणे 25 वर्गफुट है। इसे दस कारीगर चाल में तैयार किया गया है।

स्टाल पर सभी देश का झंडा पर भारत का नहीं
मेले में विदेशी बायरों को लुभाने के निर्यातक कई तरह के हथकंडे अपना रहे हैं। ग्लोबल इंडियन ओवरसीज स्टॉल पर लगभग सभी देशों के झंडे लगे हैं, लेकिन निर्यातक द्वारा भारत का झंडा नहीं लगाना चर्चा का विषय बना हुआ है।

मेले में कारोबार ज्यादा नहीं होता, लेकिन इससे मार्केट वैल्यू के बारे में जानकारी मिलती है। आगे किस तरह की कालीन की मांग होगी, इसकी भी जानकारी मिल जाती है।-रूपेश बरनवाल, निर्यातक

विदेशों से सैंपल लाने की छूट मिलने से निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। अब तक निर्यातक आर्डर मिलने के बाद भी कालीन का सैंपल नहीं ला पाते थे। सैंपल की जगह फोटो लाई जाती थी। -विजय कपूर, निर्यातक
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