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कानपुर के लेदर कारोबारियों को इथोपिया का निमंत्रण

कानपुर/ब्यूरो

Updated Thu, 20 Dec 2012 01:14 PM IST
ethiopia invites kanpur leather businessmen
‘कानपुर लेदर हब है और लेदर हमारी प्रायरिटी इंडस्ट्री है। हम चाहते हैं कि कानपुर के कारोबारी हमारे यहां इंडस्ट्री लगाएं, जिससे भारत और इथोपिया के द्विपक्षीय कारोबारी रिश्तों में मजबूती आए’। यह बात ‘काउंसिल फॉर लेदर एक्सपोर्ट्स’ की बिजनेस मीट में आईं इथोपिया की एंबेसडर (राजदूत) जेनेट जेवाइड ने ‘अमर उजाला’ से खास बातचीत में कही।
अच्छी क्वालिटी वाला कच्चा माल
उन्होंने कहा कि इथोपिया में रॉ मैटेरियल का मजबूत बेस है। वहां के कच्चे माल की क्वालिटी का लोहा दुनिया मानती है, ऐसे में भारतीय कारोबारी इसका फायदा उठा सकते हैं। उन्होंने कहा कि कोई भी कंपनी किसी देश में वहां के इंफ्रास्ट्रक्चर और दूसरी सहूलियतों को देखकर निवेश करती है। हमारे पास अच्छी क्वालिटी वाला कच्चा माल है, बिजली सरप्लस (मांग से ज्यादा) है। बिजली सस्ती भी है और मजदूर भी।

कई सहूलियतें
उन्होंने कहा कि पानी की उपलब्धता का अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि हमें ईस्ट अफ्रीका का ‘वाटर टॉवर’ कहा जाता है। इंडस्ट्रीज को प्रमोट करने के लिए उनकी सरकार कई सहूलियतें दे रही है। भारत में कच्चे माल की कमी है। कारोबारी ज्वाइंट वेंचर बनाकर इसे दूर कर सकते हैं।  

जेवाइड ने बताया कि इथोपिया की लेदर इंडस्ट्रीज में करीब 100 भारतीय कंपनियां हैं। इथोपिया में अभी 28 टेनरीज हैं, जिनमें से 7-8 टेनरी भारतीय हैं। कुछ कंपनियां हमें कटिंग डाई का भी एक्सपोर्ट कर रही हैं। इस साल 18 नवंबर को ही फरीदा प्राइम टेनरीज की शुरूआत हुई है।

टैक्स हॉलिडे बेनिफिट
उन्होंने बताया कि उनकी सरकार लेदर और टेक्सटाइल कारोबारियों को 7 साल का टैक्स हॉलिडे बेनिफिट दे रही है। कारोबारियों को कस्टम ड्यूटी में भी छूट रहे हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने के लिए भी कई सहूलियत देते हैं। इथोपिया की जीडीपी में लेदर इंडस्ट्री की हिस्सेदारी अभी 16 फीसदी है, जिसे अगले 5 साल में बढ़ाकर 20-22 फीसदी करना चाहते हैं। लेदर इंडस्ट्री में काम आने वाले केमिकल कैपेसिटी को भी बढ़ाकर 50 फीसदी करना चाहते हैं, फिलहाल वे अपनी जरूरत का 10 फीसदी हिस्सा तैयार करते हैं और बाकी का 90 फीसदी हिस्सा इंपोर्ट करते हैं।
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