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आपके घर में बैठा है एक डॉक्टर जो हर बीमारी में है कारगर

अमर उजाला ब्यूरो।

Updated Tue, 16 Oct 2012 01:09 PM IST
water doctor daily dose of water reduce water diseases
अगर ये कहा जाए कि आपकी बहुत सारी बीमारियां सिर्फ आपके एक फैसले से दूर हो सकती है तो शायद आप यकीन न करें। लेकिन यह सच है सिर्फ पानी पीकर ही आप कई बीमारियों से लोहा ले सकते हैं। हाइड्रोथैरेपी (जल चिकित्सा) में सिर्फ पानी से ही कई बीमारियों का इलाज किया जाता है।
हाइड्रोथैरेपी का मतलब है पानी को एक थैरेपी का तरह इस्तेमाल करना। वैसे तो आप दिन भर में आठ-दस गिलास पानी पीकर अपने शरीर में पानी का स्तर संतुलित बना सकते हैं और कई बीमारियों से बच सकते हैं। लेकिन इसके अलावा भी पानी को कोल्ड बाथ, स्टीम बाथ, नेचुरल बाथ, फ्लोटेशन जैसी विधियों से उपचार के लिए इस्तेमाल किया जाता है, जिसे हाइड्रोथैरेपी या हाइड्रोपैथी कहा जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार आज के समय में हर वक्त साथ चलने वाली बीमारियों से बचाव के लिए हाइड्रोथैरेपी उपचार का एक बेहद पुराना, सस्ता और सुरक्षित उपाय है।

जेल में हुआ हाइड्रोथैरेपी का जन्म
1979 में ईरान की इस्लामिक क्त्रसंति के चलते डॉक्टर फेरेडून बेटमेन घेलीज को भी जेल जाना पड़ा। एक रात को जेल में डॉक्टर बेटमेन के एक साथी कैदी को पेट में अल्सर की वजह से तेज दर्द हुआ। कोई दवा या दूसरा उपाय न मिलने पर बेटमेनघेलज ने साथी कैदी को दो ग्लास पानी पिलाया। दस मिनट के अंदर उसका दर्द कम हो गया। इसी घटना ने डॉ बेटमेन के कैरियर को एक नया मोड़ दिया और हाइड्रोथैरेपी को दुनिया के सामने लाने में मदद की। जेल से बाहर आने के बाद बेटमेनघेलज ईरान से अमेरिका आ गए। यहां उन्होंने पानी को एक दवा जितना उपयोगी बताते हुए कई लेख लिखे। 1983 में इन लेखों को जर्नल ऑफ क्लीनिकल गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी में भी शामिल किया गया।

हाइड्रोथैरेपी के घरेलू नुस्खे
-5 से 10 मिनट के लिए पूरे शरीर को ठंडे पानी के स्पंज से साफ करने से बुखार कम करने में मदद मिलती है।
-गला खराब हो तो गुनगुने पानी में नमक डालकर गरारे करना भी हाइड्रोथैरेपी का ही एक हिस्सा है।
-सूती कपड़े को ठंडे पानी में भिगोकर दस मिनट तक आंखों पर रखने से आंखों में जलन, सिरदर्द और कन्जंगक्टवाइटिस में राहत मिलती है।
-जोड़ों और मांसपेशियों पर गर्म पानी का इस्तेमाल करने से दर्द और सूजन में आराम मिलता है।
-कोल्ड या टॉन्सिल होने पर गले पर 20 मिनट तक हल्के गर्म पानी में भिगा हुआ कपड़ा लगाने से आराम मिलता है।
-हाथ और पैरों को गर्म पानी में 10 से 15 मिनट तक डालने पर माइग्रेन, नींद न आना और पैर या एड़ियों में दर्द से राहत मिलती है।
- पानी पीना भी अपने आप में एक तरह की हाइड्रोथैरेपी है। ठंडा पानी पीने से एसिडिटी, गैसेट्राइटिस और पेट के अल्सर में बहुत राहत मिलती है। वहीं गुनगुना या गर्म पानी अपच और मोटापे को कम करने में मदद करता है।
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