आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

अब मोबाइल पर आएगी ‘दवा की पर्ची’

देहरादून।

Updated Tue, 25 Dec 2012 10:47 AM IST
now medical prescription on mobile
वो दिन गए जब डॉक्टर कागज की पर्ची पर मरीजों को दवा लिखकर दिया करते थे और मरीज पर्ची गुम होने से डर से तकिए के नीचे रखकर सोया करते थे। अब मरीजों के मोबाइल में उपचार के लिए दवाओं की ‘ डिजिटल पर्ची’ आएगी। देहरादून के स्वास्थ्य विभाग की 104 कॉल सेवा में यह नई सुविधा प्रदान की जाएगी। इसमें ई-हेल्थ की टेली ट्राइएज प्रणाली से साफ्टवेयर कॉल करने वाले मरीज के मर्ज के उपचार का पता लगाकर उसको दवाओं का एसएमएस भेज देगा। उत्तराखंड पीपीपी सेल प्रोजेक्ट तैयार कर चुकी है। एचसीएस और रेलीगेयर जैसी कई बड़ी कंपनियों ने शासन को इस प्रणाली की प्रस्तुति दी है।
उत्तराखंड पीपीपी सेल के प्रभारी सुमित बरुआ ने बताया कि 104 सेवा का एक कॉल सेंटर बनेगा, जो टेली ट्राइएज प्रणाली पर आधारित होगा। पहले से चल रही 108 आपात स्वास्थ्य सेवा के साथ इसे जोड़ा जाएगा। अगर कोई बीमार इलाज के लिए फोन करता है तो अपने आप कॉल 104 में डायवर्ट हो जाएगी।

इससे मरीज को सामान्य रोग के लिए अस्पताल जाने और इलाज के लिए कतार लगाने की जरूरत नहीं रहेगी। समय के साथ पैसे की बचत भी होगी। कॉल सेंटर के लिए धनराशि आवंटित कर दी गई है, जनवरी के अंत तक स्वास्थ्य विभाग निविदा प्रक्रिया जारी कर देगा।

लक्षण के मुताबिक बताएगा दवा
104 कॉल सेंटर का प्रतिनिधि मरीज का फोन आने वाले साफ्टवेयर को संचालित करेगा। मरीज से उसकी बीमारी के लक्षण को लेकर तैयार प्रश्नावली के आधार पर साफ्टवेयर रोग की जड़ तक पहुंचेगा। साफ्टवेयर में मौजूद डाटा बैंक सामान्य रोगों के लिए रहेगा, जो प्रश्न दर प्रश्न मिलने वाले जवाब के हिसाब से खुद बीमारी और उसकी दवा निर्धारित करेगा। प्रतिनिधि को मरीज अपना मोबाइल नंबर देगा, जिस पर साफ्टवेयर एसएमएस जारी कर देगा।

आठ मिनट में जांच, फीस भी नहीं
डाक्टर के पास जांच में जाने आने में खर्च होने वाले कई घंटों के मुकाबले साफ्टवेयर महज आठ मिनट में अपनी जांच प्रक्रिया पूरी कर लेगा। इतना ही डाक्टरों के पास दी जाने वाली फीस से भी निजात मिलेगी। अगर मर्ज गंभीर है तो साफ्टवेयर काल सेंटर प्रतिनिधि को अवगत करवा देगा कि इसके लिए निकटवर्ती अस्पताल में संबंधित रोग विशेषज्ञ से जांच करवाएं।

ड्रग स्टोर से जुड़ेगा साफ्टवेयर
योजना को सरकारी ड्रग स्टोर से जोड़ा जाएगा। जो एसएमएस मरीज को आएगा उसकी पंजीकरण संख्या सहित दवा की सूची निकटवर्ती रजिस्टर्ड केमिस्ट स्टोर पर जाएगी। जहां पर पंजीकरण संख्या को मिलाने के बाद केमिस्ट मरीज को दवा देगा। बीपीएल परिवारों को निशुल्क दवा दी जाएगी।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

स्पॉटलाइट

24 घंटे किसानों की मदद के लिए आया माय एग्री गुरु ऐप  

  • शनिवार, 25 फरवरी 2017
  • +

Box Office : 'रंगून' की फीकी शुरुआत, छुट्टी वाले दिन भी 5 करोड़ पर सिमटी

  • शनिवार, 25 फरवरी 2017
  • +

अपने हर हीरो को निचोड़ डालती है कंगना, ये फिल्में हैं सबूत

  • शनिवार, 25 फरवरी 2017
  • +

सर्जरी कराकर फंसी आयशा टाकिया, फैंस बोले, 'अब आईना कैसे देखोगी ?'

  • शनिवार, 25 फरवरी 2017
  • +

वेट लॉस के लिए खाली पेट पानी पीना कितना सही, यहां जानिए

  • शनिवार, 25 फरवरी 2017
  • +

Most Read

अनोखा बच्चाः 3 पैर और 2 पेनिस

Unique child in kanpur 3 feet and 2 Penis
  • सोमवार, 5 दिसंबर 2016
  • +
TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top