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पत्थर या ‌मिट्टी नहीं हीरे से बना है ये नायाब ग्रह

लंदन/इंटरनेट डेस्क।

Updated Fri, 12 Oct 2012 03:56 PM IST
Diamond planet identified around nearby Sun like star
वैसे तो हीरा सबकी पसंद है, खासकर औरतों को ये बेहद पसंद है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि हीरे का एक ग्रह हो और आप वहां की सैर करें। आपका ये सपना अभी तो नहीं पर भविष्य में पूरा हो सकता है। दरअसल खगोलविदों ने अंतरिक्ष में आश्चर्यजनक रूप से हीरे का एक ग्रह खोज निकाला है। आश्चर्य इस बात का है कि इस ग्रह का आकार हमारी पृथ्वी के आकार से दोगुना बड़ा है और यह एक तारे के चक्कर लगा रहा है। सबसे बड़ी बात इस ग्रह को हम और आप भी बिना किसी किसी उपकरण की मदद से ऐसे ही देख सकते हैं।
अमेरिका और प्रांस के खगोलविदों द्वारा खोजे गये हीरे के इस ग्रह को 55 कैंक्री ई नाम दिया गया है। यह ग्रह अपने से 40 प्रकाश वर्ष दूर एक सूर्य जैसे एक तारे का चक्कर लगा रहा है। यह अपने तारे का चक्कर इतनी तेजी से लगता है कि इस ग्रह का एक साल अथवा तारे की परिक्रमा केवल 18 घंटे में पूरी हो जाता है। इस ग्रह की सतह अन्य ग्रहों की तरह पानी और ग्रेनाइट की बजाय हीरे और ग्रेनाइट से बनी है। इसका आकार पृथ्वी के आकार से दोगुना है लेकिन इसका घनत्व आठ गुना अधिक है।

इस नये ग्रह की खोज की खबर का प्रकाशन जल्द ही एक एस्ट्रोफिजिकल जनरल में होने जा रहा है। इस खोज का हिस्सा रहे येल के एक खोजकर्ता निक्कू मधुसूदन ने बताया कि हीरे की सतह वाला इस ग्रह का तापमान आश्चर्यजनक रूप से काफी अधिक 1648 डिग्री सेल्सियस है। कहा जा रहा है इस ग्रह के भार का एक तिहाई भाग तीन पृथ्वियों के भार के बराबर है जो हीरे का बना हो सकता है।

हालांकि इससे पहले भी हीरे के ग्रहों को खोजा जा चुका है, लेकिन यह पहला मौका है जब ऐसा कोई ग्रह सूर्य जैसे तारे का चक्कर लगा रहा है और जिसका इतने विस्तृत रूप में अध्ययन किया गया है। मधुसूदन ने बताया कि पहली बार कोई ऐसा ग्रह खोजा गया है जो पृथ्वी से काफी अलग है। इस कार्बन युक्त ग्रह की खोज से यह पता चला है कि सभी चट्टानी ग्रहों में पृथ्वी जैसे ही रासायनिक, जैविक और वातावरणीय तत्व हों यह जरूरी नहीं है। प्रिंसटन यूनिर्वसिटी के खगोलविद, डेविड स्पेरगल ने बताया कि अगर किसी ग्रह का भार और उम, पता हो तो उसके इतिहास और
आधारभूत आकार का पता लगना आसान हो जाता है। ग्रह कुछ ज्यादा ही पेचीदे होते हैं और इस हीरे के सतह वाले ग्रह की खोज ऐसा ही एक उदाहरण है। इस खोज ने तारों के पास के ग्रहों के बारे में और जानकारियां हासिल करने के शोध की शुरूआत कर दी है।
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