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डीजल कारों पर ड्यूटी का फैसला टालेगी सरकार

Auto Market

Updated Sat, 16 Jun 2012 12:00 PM IST
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पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी के चलते डीजल सेगमेंट पर फोकस करने का मना बना रही ऑटो कंपनियों को उम्मीद है कि सरकार डीजल कारों पर ड्यूटी लगाने का फैसला टाल सकती है। महिंद्रा एंड महिंद्रा का कहना है कि वह डीजल कारों पर ड्यूटी लगाने के खिलाफ है। कंपनी को उम्मीद है कि सरकार भी शायद डीजल कारों पर ड्यूटी लगाने का फैसला टाल देगी।
महिंद्रा एंड महिंद्रा के प्रेसिडेंट पवन गोयनका का कहना है कि डीजल कारों पर ड्यूटी लगाना ठीक नहीं है। इससे होने वाली परेशानियों के बारे में संबंधित मंत्रालय को अवगत करा दिया गया है। पेट्रोल के कीमतों में हुई भारी बढ़ोतरी का असर ऑटो इंडस्ट्री पर पड़ रहा है। पेट्रोल कारों की बिक्री में भारी गिरावट दर्ज की गई है। इसको देखते हुए कई ऑटो कंपनियां डीजल सेगमेंट पर अपना विस्तार करने की योजना बना रही हैं। लेकिन, डीजल कारों पर अतिरिक्त टैक्स लगाने की सिफारिश से कंपनियां असमंजस में हैं।

गोयनका के अनुसार, फिलहाल उद्योग जगत पहले से ही भारी मंदी से जूझ रहा है। ऐसे में यदि सरकार डीजल कारों पर ड्यूटी लगाती है तो यह उद्योगों के लिए बेहद निराशाजनक होगा। उन्होंने बताया कि कंपनी कई राज्यों में अपने प्लांट लगाने पर विचार कर रही है। फिलहाल कंपनी ने गाड़ियों की कीमतों में बढ़ोतरी का कोई फैसला नहीं किया है।

गौरतलब है कि डीजल कारों पर अधिक टैक्स लगाने को लेकर मंत्रालयों के बीच भी मतभेद हैं। गत मंगलवार को पेट्रोलियम मंत्री जयपाल रेड्डी ने वित्त मंत्री को चिट्ठी लिखकर डीजल कारों पर एक्साइज में भारी बढ़ोतरी की सिफारिश की थी। वहीं, वित्त मंत्रालय डीजल कारों पर अधिक एक्साइज ड्यूटी के पक्ष में नहीं है।

वित्त मंत्रालय को डीजल कारों की मांग और निवेश के आंकड़े का इंतजार है। इसके साथ ही वित्त मंत्रालय का इरादा ऑटो सेक्टर को नुकसान पहुंचाने का नहीं है। इस बीच, भारी उद्योग मंत्रालय ने पेट्रोलियम मंत्रालय के डीजल कारों पर अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी के प्रस्ताव का विरोध किया है।

भारी उद्योग मंत्रालय की दलील है कि पेट्रोलियम मंत्रालय को ऑटो कंपनियों की फ्यूल पॉलिसी में दखल का हक नहीं है। मालूम हो कि, पेट्रोलियम मंत्रालय ने छोटी डीजल कारों पर 1.7 लाख रुपये की एक्साइज ड्यूटी लगाने की सिफारिश की है। वहीं, डीजल एसयूवी पर 2.25 लाख रुपये की एक्साइज ड्यूटी लगाने की सिफारिश की है।
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