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मुलायम के हाथों से जहर पीना मंजूर है..

अलीगढ़/ब्यूरो।
Story Update : Sunday, February 05, 2012    8:25 AM
UP POLL SP Mulayam Singh hand drink poison Khwaja Haleem

राजस्थान और बिहार में विधानसभा चुनाव प्रभारी बन कर टिकट बांटने वाले पूर्व मंत्री व वर्तमान एमएलसी ख्वाजा हलीम ने उत्तर प्रदेश में भी वर्षों तक लगातार विधायकी के टिकट बंटवाए हैं। इस बार छर्रा सीट से टिकट को लेकर उनकी खासी किरकरी हुई। थकहार कर वह अपनी कोठी में ‘कैद ’ हो गए हैं। शनिवार दोपहर थोड़ी देर लॉन में धूप सेंकने आए तो कार्यकर्ताओं ने घेर लिया। सबका वही सवाल आखिर सात बार क्यों बदली टिकट? आहत वयोवृद्ध सपाई नेता कमरे में चले गए। जहां रूम हीटर के सामने थोड़ी देर खामोश रहने के बाद उन्होंने कुछ दर्द अमर उजाला से साझा किया।

सवाल : इस बार चुनाव में टिकटों के वितरण को लेकर कैसे मंथन हुआ?
जवाब : कोई मीटिंग नहीं हुई। सपा का पार्लियामेंट्री बोर्ड भी भंग हो चुका है। किसको कौन सा टिकट देना है इसकी कोई रायशुमारी नहीं हुई। हां मुझे सपा के शुरुआती दौर का वक्त याद है । शुरुआती दौर में सपा को चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवार नहीं मिलते थे तो मुलायम सिंह के कहने पर मैं अलीगढ़ में टिकट बंटवाता था।

सवाल : छर्रा सीट से आपने टिकट की दोवदारी कब की थी?
जवाब : मैंने छर्रा सीट से दावेदारी नहीं की थी, समर्थकों का प्यार है उन्होंने फीडबैक दिया। मुलायम सिंह यादव ने ही स्वयं पूछा था कि आप कहां से चुनाव लड़ना चाहते हैं? जिस पर मैंने छर्रा सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर की थी।

सवाल : क्या आलाकमान में ठा. राकेश सिंह आपसे ज्यादा भरोसेमंद उम्मीदवार है?
जवाब : इसका जवाब आलाकमान को देना है। मैं इतना कह सकता हूं कि जनता ने टिकट दिलवाया था जो मेरे समर्थन में है। मैं हजारों समर्थकों का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं, जिन्होंने इस दौरान मेरा बहुत साथ दिया।

सवाल : बार बार टिकट बदलने से समर्थकों पर कितना असर पड़ा है पार्टी को कितना नुकसान होगा?
जवाब : मैंने सुना है कि कई जगहों पर कुछ लोग ‘ख्वाजा का अपमान नहीं सहेगा मुसलमान’ के नारे लगा रहे हैं। मुझे नहीं पता कि ये समर्थक हैं या विरोधियों की चाल, लेकिन यकीनन समर्थकों को धक्का लगा है। इससे कितना नुकसान होगा? समर्थक कहां जाएंगे? यह कुछ नहीं बता सकता।

सवाल : पार्टी ने युवा कंधों पर ज्यादा भरोसा क्यों दिखाया है?
जवाब : बेशक युवाओं को आगे आना चाहिए। ठा. राकेश सिंह शुक्रवार को मुझसे मिलने आये तो मैंने उनकी जीतने की दुआ की। लेकिन किसी भी पार्टी में 25 फीसदी के अनुपात से बुजुर्गों की सीटें युवाओं को दी जाती है। यहां पर यह अनुपात गड़बड़ा गया है। अचानक परिवर्तन सही नहीं है।

सवाल : अब टिकट मिले तो आप क्या करेंगे? चुनाव में सपा के किस प्रत्याशी के लिए प्रचार करेंगे?
जवाब : अब चुनाव लड़ने का सवाल ही पैदा नहीं होता। मैं पूरे चुनाव में खामोशी से घर पर रहूंगा। अगर सपा के मुखिया मुलायम सिंह यादव और प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कोई निर्देश दिया तो उस पर अमल करूंगा।

सवाल : किसी दूसरी पार्टी से अब तक कोई ऑफर मिला है?
जवाब : सीधे तौर पर कोई मिलने नहीं आया लेकिन दूसरों के माध्यम से संदेश भिजवाये गये हैं। लेकिन मुझे मुलायम सिंह के हाथों जहर पीना मंजूर है, दूसरों के हाथों से शहद पीना मंजूर नहीं है।

सवाल : क्या पार्टी आलाकमान ने सरकार बनने पर किसी बड़े ओहदे का ऑफर दिया है? चर्चा है कि आप राज्यमंत्री बनेंगे?
जवाब: यह अभी से नहीं कह सकता हूं। राज्यमंत्री बनने का सवाल नहीं, अब इस उम्र में कबीना मंत्री से कमतर आंका जाये तो पद छोड़ देना ही बेहतर है।

सवाल : अलीगढ़ की सात सीटों पर सपा की स्थिति कैसी है कितनी सीटें जीतेंगे? प्रदेश में सपा की क्या स्थिति है?
जवाब: अलीगढ़ की सीटों के बारे में नाम वापसी के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा, प्रदेश में एक्जिट पोल सपा की सरकार के संकेत दे रहा है।

राजनीतिक जीवन
1970 में राजनीति में आए। पहली बार 1974 में कांग्रेस के टिकट पर शहर सीट से लड़ा था, जिसमें दो सौ वोट से हार गए थे। 1977 में इंदिरा गांधी के आपातकाल से दुखी होकर कांग्रेस छोड़ दी। चौ.चरण सिंह और मुलायम सिंह यादव के साथ आ गया। 1980 मे मध्यावधि चुनाव में जनता पार्टी से टूट कर चौधरी चरण सिंह के राष्ट्रीय लोकदल से शहर सीट से चुनाव जीता था। 1985 में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद कांग्रेसी लहर चली तो कैप्टन बल्देव सिंह 3002 वोटों से उन्हें हरा दिया । उस वक्त उन्होंने दलित मजदूर किसान पार्टी (डीएमकेपी) से चुनाव लड़ा था, जो रालोद का बदला हुआ नाम था। 1990 में मैं औद्योगिक विकास राज्य मंत्री और एक बार माइनारिटी कमीशन का चेयरमैन बन कर राज्य मंत्री के ओहदे से नवाजा गया। फिलहाल सपा से एमएलसी है । इसी साल कार्यकाल पूरा हो रहा है।


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arunsingh, atrauli(aligarh)
जनक्रांति पार्टी जिंदाबाद कल्याणसिंह jindabad
Anuj, Gorakhpur
SAPA best parti up Mulayam Singh yadav is best cm in up pls sapa ko vote kara pardesh bachana hai samajvadi party ko jeet ana h....
dharmander yadav, surana gzb
sp is the best party in up and mulayam singh yadav is best cm in up pls sp ko vote kara pardesh bachana hai samajvadi party ko lana hai
gulab, allahabad
samajvadi party jindabad
vikas, bangalore
this time the people of UP has decided en mass to support for SP government and akhilesh as CM of UP.
Waseem shah, Sambhal Bheem nagar
S P is best party and Akhilesh yadab is best C M UP Ke cm bange sp jo bade karti vo pure karti hai . Ane wala time s p ka hai
SANJAY, ALIGARH
yes,you say write BJP is the DABANG party. satta me aye ya na aye par party is the best
RAMKATHIN YADAV, delhi
SAPA best parti up
RAMKATHIN YADAV, delhi
SAPA best parti up
HIMANSHU RAJPUT, Dibiyapur
UMA IS THE BEST C.M. FOR UP
simran, allahabad
BJP agar best hoti to satta me hoti usko satta pane ke liye fir se koi hindu muslim danga karana pade ga tab ja ke satta me wapas a sakti hai bas iske alawa uske pass aur koi mudda hi nahi hota
surendrasingh, Shivpuri MP
BJP is best parti
mahendra pandey, chitrakoot
aap sahi kah rahe hai bjp best party hai
om prakash, allahabad
bjp best parti up
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