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किंगफिशर के आर्थिक संकट से उबरने पर संशय |
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| नई दिल्ली/एजेंसी। |
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| Story Update : Thursday, February 23, 2012 4:45 AM |
आर्थिक संकट में फंसी किंगफिशर एयरलाइंस को नया कर्ज देने के बैंकरों के एक समूह के प्रस्ताव को लेकर अभी भी अनिश्चितता बरकरार है। रिपोर्टों के मुताबिक, प्रमुख बैंकर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) ने एयरलाइंस को 1650 करोड़ का राहत पैकेज देने पर सहमति जताई थी लेकिन एसबीआई ने इस पर कुछ भी नहीं कहा है।
25 फीसदी कर्ज मिल सकता है हालांकि सूत्रों का कहना है कि बैंक तभी कर्ज देंगे जबकि किंगफिशर की प्रमोटर कंपनी यूनाइटेड बेवरीज इसके नए शेयर खरीदे। समझा जाता है कि बैंकर्स ने एयरलाइंस से कहा है कि उसे नए शेयर्स के एवज में जरूरत के तीन हजार करोड़ का 25 फीसदी कर्ज मिल सकता है। बताया जाता है कि ग्रुप के चेयरमैन विजय माल्या इस तरह का कोई वादा करने की स्थिति में नहीं हैं।
मार्च तक का रिवाइज शेड्यूल सौंपा दूसरी ओर बैंक, इस आश्वासन के बाद ही अगला कदम उठाएंगे। एसबीआई के चेयरमैन ने यह कहते हुए इस मुद्दे पर टिप्पणी से इनकार कर दिया कि ग्राहक की गोपनीयता उन्हें इस बारे में कुछ कहने की इजाजत नहीं नहीं देती। इस बीच, किंगफिशर की सेवाएं बाधित होने से यात्रियों की परेशानी बरकरार हैं। एयरलाइंस ने अपना ताजा फ्लाइट शेड्यूल नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) को सौंप दिया है। वह उड़ानें कम करते हुए 28 विमानों के जरिये 170 फ्लाइट्स रोजाना संचालित कर रही है। किंगफिशर ने मार्च तक का रिवाइज शेड्यूल सौंपा है।
सख्ती से नजर रखने की हिदायत दी डीजीए के सूत्रों ने बताया कि शेड्यल का परीक्षण किया जा रहा है। बुधवार को भी किंगफिशर की 30 से ज्यादा फ्लाइट रद्द होने के बीच डीजीसीए के प्रमुख ईके भारतभूषण ने नागर विमानन मंत्री अजित सिंह से कंपनी के आर्थिक संकट पर चर्चा की। मंत्री ने डीजीसीए को दो पहलुओं पर सख्ती से नजर रखने की हिदायत दी है। जिसमें सुरक्षा और यात्रियों का किराया रिफंड करना शामिल है।
सरकार इसमें दखल नहीं देगी उधर, नागर विमानन मंत्री अजित सिंह ने फिर साफ किया है कि सरकार, निजी एयरलाइंस को कोई पैकेज नहीं देगी। अजित ने कहा, ‘मुझे यकीन है कि माल्या जानते होंगे कि एयर इंडिया सरकारी उपक्रम है। हमने उसे (एयर इंडिया को) जो मदद दी है, किसी निजी एयरलाइंस को नहीं दे सकते। इस बारे में फैसला बैंकों को करना है। सरकार इसमें दखल नहीं देगी। बैकों को आरबीआई के दिशानिर्देशों का पालन करना होगा। यदि वे बिजनेस प्लान से संतुष्ट हैं तो उधार दे सकते हैं।’ सूत्रों के मुताबिक, संशोधित शेड्यूल के अनुसार एयरलाइंस 400 के बजाय रोजाना 170 फ्लाइट संचालित करेगी। पिछले वर्ष अक्तूबर में कंपनी ने डीजीसीए को बताया था कि इसके 64 विमान उड़ान भरेंगे, यह संख्या अब 28 तक आ गई है।
किंगफिशर पर 40 करोड़ का टैक्स बकाया नई दिल्ली। आर्थिक संकट झेल रही किंगफिशर एयरलाइंस को 31 मार्च तक 40 करोड़ रुपये का अप्रत्यक्ष कर चुकाना है। सेंट्रल बोर्ड ऑफ एक्साइज एंड कस्टम्स (सीबीईसी) के चेयरमैन एसके गोयल ने यह जानकारी दी। उन्होंने बुधवार को बताया कि किंगफिशर पर 70 करोड़ का सर्विस टैक्स बकाया था जिसे उसने किश्तों में देने का वादा किया था। कंपनी ने 10 करोड़ रुपये दिसंबर में चुकाए थे। जनवरी में 20 करोड़ रुपये दिए गए जबकि उसे फरवरी में 20 करोड़ रुपये देने हैं।
स्टेट बैंक यदि किंगफिशर को और आर्थिक मदद देता है तो आरबीआई इसका विरोध नहीं करेगा। -केसी चक्रवर्ती, डिप्टी गवर्नर आरबीआई
खराब प्रशासन किंगफिशर की बदहाली की वजह है। पेशेवर प्रबंधन के अभाव में कंपनी की यह हालत हुई है। -वीरप्पा मोइली, कंपनी मामलों के मंत्री
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