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सुलझ गया सेना प्रमुख का उम्र विवाद, वापस ली अर्जी

नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क।
Story Update : Friday, February 10, 2012    11:13 AM
Army Chief VK Singh age government will back decision

अपनी जन्म तिथि से जुड़े विवाद में सेना प्रमुख जनरल वी. के. सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में अपनी अर्जी वापस ले ली है। इससे पहले केंद्र सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय को बताया कि उसने सेना प्रमुख जनरल वी. के. सिंह की उम्र से संबंधित विवाद में अपना 30 दिसंबर का आदेश वापस ले लिया है। सरकार ने इस आदेश के तहत सेना प्रमुख की वैधानिक शिकायत खारिज कर दी थी, जिसमें उन्होंने अपनी जन्मतिथि 10 मई, 1950 के बजाय 10 मई, 1951 मानने का अनुरोध किया था।

वाहनवति की सलाह पर यह आदेश जारी
महान्यायवादी जी. ई. वाहनवति ने न्यायालय को बताया कि सरकार ने तीन फरवरी के इसके निर्देश के आधार पर यह निर्णय लिया। न्यायालय ने तीन फरवरी के अपने निर्णय में कहा था कि सरकार ने वाहनवति की सलाह पर यह आदेश जारी किया था। इससे पहले जुलाई में भी सरकार ने वाहनवति की सलाह पर ही यह फैसला लिया था, जिससे पूरी प्रक्रिया ही ‘गलत’ मालूम पड़ती है। इसे सेना प्रमुख के लिए दूसरी बड़ी जीत के रूप में देखा जा रहा है, जो इसे ‘सम्मान तथा ईमानदारी’ की लड़ाई बताते रहे हैं।

जनरल के साथ भेदभाव नहीं
कोर्ट ने कहा कि जनरल के साथ कोई भेदभाव नहीं है। हमें उम्मीद है कि फैसले के बाद भी सेना प्रमुख अपने पद पर बने रहेंगे और अपना कार्यकाल पूरा करेंगे। इससे पहले कोर्ट ने सिंह से पूछा कि अगर संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) में उनका रिकॉर्ड गलत दर्ज हो गया तो उसे उन्‍होंने सुधरवाया क्‍यों नहीं?

ईमानदारी पर शक नहीं
कोर्ट ने सिंह से पूछा कि उन्होंने यूपीएससी के रिकॉर्ड में दर्ज जन्मतिथ‌ि (10 मई, 1950) सही क्यों नहीं कराई? कोर्ट ने कहा कि वीके सिंह के आईएमए और एनडीए ज्वाइन करते समय के सभी रिकॉर्ड उनकी जन्मतिथि 10 मई, 1950 ही बता रहे हैं। हालांकि कोर्ट ने कहा कि हमें सेना प्रमुख की ईमानदारी पर शक नहीं है। मसले का शांतिपूर्ण हल होना चाहिए।

सरकार बैकफुट पर
इससे पहले मामले की सुनवाई के दौरान सरकार बैकफुट पर आ गई है। सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान सरकार ने अपने 30 दिसंबर के फैसले को वापस ले लिया। इस फैसले में केंद्र ने जनरल वीके सिंह की उम्र 10 मई 1950 मानी थी, जबकि सेना प्रमुख का कहना था कि उनकी उम्र 10 मई 1951 मानी जाए।

वाहनवती की राय ली थी
अटॉर्नी जनरल ई वाहनवती ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि वह 30 दिसंबर का फैसला वापस ले रहे हैं। मालूम हो कि कि सरकार ने विवाद पर अटॉर्नी जनरल की राय ली थी और उनकी राय पर ही सरकार ने सिंह की वैधानिक शिकायत खारिज कर दी थी। इसके बाद उनकी जन्मतिथि 10 मई 1950 तय की गई थी।

एक हफ्ते का दिया था वक्त
उच्चतम न्यायालय ने 3 फरवरी को सुनवाई के दौरान रक्षा मंत्रालय के सामने विकल्प रखा था कि सरकार 30 दिसंबर के उस आदेश को वापस ले जिसमें सेना प्रमुख वीके सिंह की शिकायत को नामंजूर कर दिया गया था। इस मसले पर सुनवाई के लिए उच्चतम न्यायालय ने सरकार को एक हफ्ते का वक्त दिया था।

सरकार के तरीके पर सवाल
उल्लेखनीय है कि 30 दिसंबर को उच्चतम न्यायालय ने सेना प्रमुख की अर्जी खारिज करने के सरकार के तरीके पर सवाल उठाए थे। कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए सरकार को अपना पक्ष बताने का निर्देश दिया था। इसके अलावा अदालत ने सरकार से उन दस्तावेजों को पेश करने को कहा था जिनके आधार पर जनरल की जन्मतिथि 1950 मानी जा रही है।

सरकार और जनरल आमने-सामने
कोर्ट ने मामले पर सुनवाई के दौरान कहा था कि लगता है कि सरकार की ओर से अपनाई गई प्रक्रिया सही नहीं थी। सरकार का कहना है कि सेनाध्यक्ष की जन्मतिथि 1950 है। 30 दिसंबर के नोटिफिकेशन में सेनाध्यक्ष की जन्मतिथि 10 मई 1950 दर्ज है।

सेना प्रमुख की जन्मतिथि को लेकर विवाद
इससे पहले थल सेनाध्यक्ष ने वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी से मुलाकात भी की थी, जिसका कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया। सेनाध्यक्ष ने दायर याचिका में सरकार के उस फैसले पर सवाल खड़ा किया है जिसमें उनकी जन्म-तिथि को 10 मई, 1951 की बजाय 10 मई, 1950 माना गया है। जबकि उन्होंने मैट्रिक प्रमाण पत्र व अन्य दस्तावेजों के आधार पर यह दावा किया था कि उनका जन्म मई, 1951 में हुआ है।


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आप की राय -
hemant, agra
काग्रेश की मनमानी...
Nishit Chaterji, New Delhi
बिलकुल सही बात है देश की रक्षा सेना करती है न की रक्षा मंत्री सेना प्रमुख का अपमान करके सेना का मनोबल गिराने का काम सरकार के द्वारा हुआ. लगता है कांग्रेस तानाशाह हो गयी है लेकिन अगले लोकसभा के चुनाव का सामना उसे करना ही होगा क्योंकि भारत में तानाशाही नहीं चलती है लेकिन कांग्रेस फिलहाल यह भूल गयी है
A P AGARWAL, rampur
एडमिशन के समे सभी प्रविष्टियाँ को मूल दोकुमेंट से क्यों नहीं चेक किया गया क्या सही जन्मतिथि से जनरल को एडमिशन नहीं मिल रहा था i
jagdish rawat, chandigarh
सत्ता के नशे में चूर कांग्रेस पार्टी ने बहुत घोटाले किये हैं. ये लोग तो आंतकवादियों के मरने पे आंसू बहाते हैं और शहीदों पर कुछ नहीं कहते, फिर एक देशभक्त सेना नायक से पंगा लेना इसी की एक कड़ी है, अब तो देश को जागना होगा इनकी कूटनीति को
vikas, raipur
gen. ko malum hona chahiye ki bharat mein janmtithi high school ke certificate ko hi mana jata hai phir bhi apni janmtithi ko kyon nahi sudharwaya.
RAJPAL SINGH, chandigarh
एस, गवर्नमेंट को अपनी हार मानकर resign दे देना चाहिय, इसने काफी देश का पैसा लूटा है इटली तथा स्विस बैंक में काफी पैसा जमा किया, प्रोपर्टी खरीदी है।
Siddhartha, Lucknow
कांग्रेस देश को अपनी बपौती समझती है. उसके मन मे़ जो आता है वही करती है या फिर जो उनकी सुप्रीमो कह दे वही होता है.
alok mishra, ajmer
जन्म तिथि का मामला कोर्ट में ही नहीं आना चाहिए था . ये देश की और सेना का मामला है . सरकार को समय रहते कदम उठा कर समझदारी का परिचय देना चाहिए था ।
gyan, delhi
कांग्रेस सरकार अत्यधिक घमंड में चूर है. सत्ता के नशे में सरकार को सेना जैसी महान संस्था के प्रमुख का अपमान नहीं करना चाहिए क्योंकि देश के रक्षा सेना करती है न कि रक्षा मंत्री साहब।
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