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Shayari

मुड़ मुड़ के देखता हूं

Shayari

KRISHNA MAURYA

5 कविताएं

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Labjon me ishq hai...
Unaki Mohabbat me rishk hai
Fir bhi humane unsae mohabbat ki......
kyunki hume maloom tha ki unaka aana fix hai

- Krishna Maurya

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