आपका शहर Close
Home ›   Kavya ›   Mud Mud Ke Dekhta Hu ›   actress nimmi share memorable moment of movie 'Love and God'
 actress nimmi share memorable moment of movie 'Love and God'

मुड़ मुड़ के देखता हूं

रेगिस्तान में प्यार के ढेर सारे गुलाब

इकबाल रिजवी

1957 Views
प्यार एक ऐसा एहसास है कि जब उससे कोई इंसान दो-चार होता है, तो उसके लिए पूरी दुनिया बदल जाती है और मेरी दुनिया, तो कुछ समय के लिए नहीं, बल्कि हमेशा के लिए बदल गई। मेरी फिल्म ‘बरसात’ के सेट पर लेखक अली रजा से मेरी मुलाकात हुई थी।

फिल्म के संवाद लिखने के अलावा उनकी यह जिम्मेदारी भी थी कि वे फिल्म के कलाकारों के उच्चारण भी दुरुस्त करवाएं। मेरे उच्चारण को लेकर उन्हें कभी दिक्कत नहीं आई। फिर मैं दूसरी फिल्मों में व्यस्त हो गई। इस बीच मेरी नानी को मेरी शादी की फिक्र होन लगी। हास्य अभिनेता मुकरी हमारे पड़ोसी थे। मेरी नानी ने उनसे कहा, तो उन्होंने अली रजा साहब का नाम सुझाया, जो उनके गहरे दोस्त थे। मुझे इस बात का बिल्कुल एहसास नहीं था कि अली रजा साहब मुझसे प्यार करते हैं। ये तो मुझे बाद में पता चला कि ‘बरसात’ के सेट पर मुझे देखते ही उन्हें मुझसे प्यार हो गया था।

मुकरी ने मेरी रजा साहब से खास मुलाकात कराने के लिए फिल्म देखने का प्रोग्राम बनाया, लेकिन मैं इस प्रोग्राम को भूल गई, जबकि वह दोनो पिक्चर हॉल के बाहर मेरा इंतजार करते रह गए। बाद में जब मुकरी साहब ने मुझे बताया कि वह दोनों पूरे तीन घंटे मेरा इंतजार करते रहे, तो मेरे पैरों के नीचे से जमीन निकल गई। मैंने रजा साहब को फोन कर माफी मांगी और उन्हें घर पर चाय के लिए दावत दी।

इसके बाद रजा साहब से मेरी मुलाकातें होने लगीं। मुझे शायरी सुनने का शौक था और रजा साहब को सैकड़ों नहीं हजारों शेर याद थे। उन्होंने मुझमें शायरी का शौक और गहरा कर दिया। धीरे-धीरे मैं अली रजा साहब के अथाह ज्ञान से प्रभावित होने लगी। उनकी एक और बात ने मुझ पर गहरा असर डाला और वह थी अली राजा साहब का फालतू बातें न करना। वे आम फिल्म वालों की तरह बे-सिर-पैर की बातें नहीं करते थे। कभी-कभी मैं शेर लिखकर लाती, तो वह उस पर गंभीरता से राय देते थे। 
आगे पढ़ें

Comments
सर्वाधिक पढ़े गए
Top
Your Story has been saved!