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मेरे अल्फाज़

वृक्ष

Vinod Kumar

1 कविता

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जीवन के आधार वृक्ष हैं
जीवन की पहचान वृक्ष हैं।
मानव हों या पशु-पक्षी हों,
वृक्ष बिना सब जग सूना है।

वृक्ष बिना धरती यह सूनी
सूना दिखता आसमां है,
वृक्ष हमारे जीवन साथी
इनका हम पर कर्ज बहुत है।

वृक्ष लगायें इन्हें बचायें,
वर्ना जीवन मुश्किल है।
भूल हुई अंजाने में,
भरपाई उसकी करनी है।

पतझड़ में मुस्कान बिखेरें
बसंती खुशबू देते हैं।
जीवन के आधार वृक्ष हैं,
जीवन की पहचान वृक्ष हैं।

रचयिता - विनोद कुमार मिश्र "वीनू"



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