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Mother

मेरे अल्फाज़

माँ

Rajendra Singh

40 कविताएं

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सुबह नींद से जगाती है माँ
रात को डांट के सुलाती है माँ
खाना बनाकर खिलाती है माँ
चाँटा मारकर डराती है माँ
पापा को कह धमकाती है माँ
पापा को डांट के बचाती है माँ
खुद इतनी थक जाती है माँ
मुझसे पूरी पक जाती है माँ
फिर भी प्यार करती है माँ
दुनिया में सबसे सुंदर है माँ
हमारे घर की भगवान है माँ
तेरे बिना न जी पाऊंगा मैं माँ
संग तेरे ही जाऊंगा मैं माँ।।

- प्रभात

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