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Kaash mai tera paayal hota

मेरे अल्फाज़

काश मैं तेरी पायल होता

Rahul Singh

1 कविता

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काश मैं तेरी पायल होता,
और दिन रात तुझसे लिपटा होता,
तू जब भी हिरनी सी चलती,
मैं ख़ुशी से छनछनाता,
तू जब भी मुझे पहन के सोती,
मैं अपने प्रेम का तुझपे निशाँ बनाता,
तू जब भी थक जाती सैर करके,
मैं तेरे कदम चूम तेरी थकान मिटाता,
काश मैं तेरा पायल होता।

- राहुल सिंह

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