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nav din ke nav rup me man ko kar lo yad

मेरे अल्फाज़

नौ दिन के नौ रूप में, माँ को कर लो याद

अतुल अवस्थी

27 कविताएं

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निश्छल मन से यदि करो, माँ दुर्गा की भक्ति
परिपूरित हो कामना, मिल जायेगी शक्ति

दम्भ, द्वेष पाखंड से, रहकर निशिदिन दूर
माँ को ध्यावोगे अगर, सुख मिले भरपूर

वश मे कर लो इंद्रियां, यश फैले संसार
काम, क्रोध मद लोभ से, जीवन बने असार

नौ दिन के नौ रूप में, माँ को कर लो याद
बिगड़ी सब बन जायेगी, होंगे नहीं विवाद

माँ बेटों की गलतियां कर देती है माफ
बस इतना संकल्प लो अब मन होगा साफ

- अतुल अवस्थी*अतुल*

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