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Itti se chahat hai

मेरे अल्फाज़

इत्ती सी चाहत है

Narayan dutt

14 कविताएं

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इत्ती सी चाहत है

सब भागते रहते हैं,
ठहर लिया करिए
चप्पल उतार घास पर भी,
चल लिया करिए

इत्ती सी चाहत है मेरी,
कोई भारी भरकम नई
रत्ती भर प्यार मुझे भी,
कर लिया करिए

तुम्हें पूछने वाले
पता है, बहुत है
कभी-कभी नज़रें,
इधर भी कर लिया करिये

सुना है..फूंक फूंक कर,
कदम रख़ते रहे हैं आप
थोड़ा थोड़ा प्रेम में भी,
जल लिया करिये।

मोती चुन चुन कर बचपन से,
जो माला बना रही हैं
पल दो पल उसको भी,
धारण कर लिया करिये।

जीवन का मोड़ साहब
बड़ा तीख़ा मोड़ है
थोड़ा रुक लिया करिये
फिर चल दिया करिये

नये रास्ते जब हम चुन ही लिए हैं
तो जाते-जाते मुड़ के,
टाटा कर लिया करिये

मार्ग की तकलीफें
अपनों की याद दिलाती हैं
वक्त मिले तो उनकी याद,
कर लिया करिये

चलते चलते...
उनसे यदि भेंट हो जाये
रत्ती भर ही सही,
प्यार कर लिया करिये

इत्ती सी चाहत है मेरी,
कोई भारी भरकम नहीं
रत्ती भर प्यार मुझे भी,
कर लिया करिए।

- नारायण 'वासुदेव'
  प्रयाग


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