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Move on

मेरे अल्फाज़

चलना पडे़गा ही

Jayti jain

14 कविताएं

25 Views
---- चलना पडे़गा ही ------

मुश्किलें लाख सही
डगर कठिन ही सही
आसान भले ना हो चलना
लेकिन
चलना पडे़गा ही

दर्द भी होगा, ज़ख्म मिलेगें
समय समय पर तानों के बाण चलेंगे
आसान भले ना हो सहना
लेकिन
चलना पडे़गा ही

चित भी उनकी, पट भी उनकी
जीवन जीने की आशा उनकी
आसान भले ना हो रहना
लेकिन
चलना पडे़गा ही

बचने की कोई उम्मीद नहीं
थकने की कोई रीत नहीं
आसान भले ना हो रुकना
लेकिन
चलना पडे़गा ही

मझधार में भले ही नाव हो
साहिल की कोई उम्मीद ना हो
आसान भले ना हो तरना
लेकिन
चलना पडे़गा ही !

- जयति जैन "नूतन" !



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