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Pashchim Vatavaran Hai Havi

मेरे अल्फाज़

पश्चिम वातावरण है हावी

Devendra Sharma

63 कविताएं

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पश्चिम वातावरण है हावी
सावधान अब रहना होगा।

क्या करें,क्या न करें हम
संशय दूर भगाना होगा।।

सबको लेकर साथ बढ़ें हम
हक के लिये लडना होगा।

त्यागपूर्ण दृष्टि से हमको
राष्ट्र समर्पित होना होगा।।

ताउम्र बनें आदर्श जगत् में
हमको सच्चा बनना होगा।

ईशकृपा से हम सब जन को
प्रगति पथ पर चलना होगा।।

शमन करें हम अवगुण अपने
सद्गुण ही अपनाना होगा।

अहम् न आ जाये कभी मन में
वृक्ष सा विनम्र बनना होगा।।

बल, बुद्धि और विवेक से
काम सभी को करना होगा।

याद रखें संस्कृति सभ्यता
सामंजस्य बिठाना होगा।।

- देवेंद्र शर्मा 


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