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Abahi agar raat hai

मेरे अल्फाज़

अभी अगर रात है

Arvind Agrawal

45 कविताएं

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अभी अगर रात है तो कोई गम न कर,
सुबह जरूर आएगी थोड़ा हौसला तो रख II

सिर्फ नजरिये का फ़र्क़ है ग़म औ ख़ुशी के बीच,
गम है जो आज कल ख़ुशी में बदल जायेगा ज़रा सब्र तो रख II

गम और ख़ुशी है धूप छांव के जैसे आते जाते,
गम आया है ख़ुशी भी आएगी खुद पे यकीन रख II

- अरविन्द कुमार अग्रवाल

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