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Ijhaar

मेरे अल्फाज़

इजहार

akanskha pandey

17 कविताएं

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सर्द सी रात और वो जनवरी की मुलाकात
तुम्हारा वो प्यार, मेरा वो तुमसे मोहब्बत का इजहार
वो तेरा सुहाना सा सफर और वो जनवरी की
हमारी पहली मुलाकात, तुम्हारा मेरी ज़िंदगी में आना
और ज़िन्दगी का एक पल का सफर
उम्र भर का तुम्हारा साथ और तुम्हारा वो अपनेपन
का एक एहसास, और तुमसे मिलने का वो ख्वाब
वो तुम्हारा पहला इनकार, और फिर वो तुम्हारा बेइंतहा प्यार,
कितनी खास थी वो रात जब तुमसे मोहब्बत
का इजहार किया था और तुम्हारा वो इंकार
मुझे खलता बहुत था, मोहब्बत पर यकीं नहीं था तुम्हें
आज शायद समझा तुमने चाहत को हमारी
तभी तो आज भी हम हैं साथ,
बस तेरा साथ मिलता रहे,
और चाहिये मुझे ज़िन्दगी का भर प्यार।।

- उपासना पाण्डेय


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