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काव्‍य जगत से जुड़े हुए वैचारिक लेख, समकालीन विषयों पर कवियों के दृष्टिकोण और वैचारिक मंथन

उर्दू शायरी को नया लबो-लहजा देता शायर विपुल कुमार

  • अकरम रज़ा हिंदी, नई दिल्ली
  • गुरुवार, 21 सितंबर 2017

नौजवान शायर विपुल कुमार मुशायरों की दुनिया में रफ्ता-रफ्ता अपनी पहचान बना रहे हैं। शोर-शराबे से इतर मुशायरों में वो बहुत संजीदगी से अपना कलाम पेश करते हैं।

पद्म भूषण कुँवर नारायण : नई कविता आंदोलन के पुरज़ोर हिमायती

  • रत्नेश मिश्र, काव्य डेस्क, नई दिल्ली
  • बुधवार, 20 सितंबर 2017

कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित प्रसिद्ध कवि कुंवर नारायण की कविताओं में संवेदनशीलता और अहिंसा दृष्टि गुँथी हुई है। कुंवर नारायण जनभाषा की वकालत करते हैं और ऐसी भाषा से बचने की कोशिश करते हैं जो आम लोगों की समझ के बाहर हो।

त्रिलोचन : द पोएट ऑफ़ पब्लिक

  • डॉ. सेवाराम त्रिपाठी, रीवा
  • बुधवार, 20 सितंबर 2017

कवि त्रिलोचन ने नई पीढ़ी को सिखाया कि प्रगतिशील कविता न तो संकीर्ण है और न एकपक्षीय। यह ज़िन्दगी की तरह व्यापक और विविधता से भरी हुई है और उसमें हर तरह के रंग हैं।

पद्म श्री काका हाथरसी हास्य और व्यंग्य के हस्ताक्षर

  • काव्य डेस्क, नई दिल्ली
  • मंगलवार, 19 सितंबर 2017

पद्मश्री प्रसून जोशी : एक कवि जो बना एड गुरु

  • काव्य डेस्क, नई दिल्ली
  • रविवार, 17 सितंबर 2017

प्रसून जोशी को इन गीतों के लिए मिले राष्ट्रीय पुरस्कार

  • काव्य डेस्क, नई दिल्ली
  • शुक्रवार, 15 सितंबर 2017

प्रसून एक उम्दा कवि, लेखक और गीतकार हैं। उन्होंने कई फ़िल्मों में सुपरहिट गाने लिखे। पेश हैं वो गाने जिनके लिए प्रसून को राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाज़ा गया।

हिंदी दिवस स्पेशल : सबद निरंतर

  • आनंद वर्धन शर्मा, प्रति कुलपति
  • गुरुवार, 14 सितंबर 2017

कोई बालक जैसे अपनी माँ के पास जाकर आश्वस्त हो जाता है वैसे ही कुछ-कुछ स्थिति भाषा की भी है। सहजता से ख़ुद को अभिव्यक्त करने के लिये हम अपनी ही भाषा को समर्थ पाते हैं। या यूं कहें विश्राम पाने के लिए हम अपनी मातृभाषा के पास जाते हैं।

पाश: जो माशूक की नाभि का क्षेत्रफल नापती है...कविता नहीं होती

  • बल्ली सिंह चीमा, बाजपुर, उधमसिंह नगर
  • शनिवार, 9 सितंबर 2017

एक कवि गोष्ठी में संचालक ने पाश का परिचय दिया, "जनता से इश्क़ करने वाला और स्वयं को जेलों का शायर बताने वाला कवि अवतार सिंह पाश।"

हिंदी को समझने के लिए कर रहा हूं एम.ए. : युवा कवि पुनीत कुसुम

  • पूजा मेहरोत्रा, नई दिल्ली
  • शुक्रवार, 8 सितंबर 2017

"शमशेर बहादुर सिंह ने अंतिम सांस गायत्री मंत्र के साथ ली"

  • अमर शर्मा, नई दिल्ली
  • बुधवार, 6 सितंबर 2017

कबीर: सीधे और सरल शब्दों से करारी चोट करने वाले कवि

  • काव्य डेस्क, नई दिल्ली
  • मंगलवार, 5 सितंबर 2017
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