आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

Home ›   Kavya ›   Irshaad ›   rajesh joshi poetry on life and love
rajesh joshi poetry on life and love
इरशाद

राजेश जोशी: हवा के हज़ार घोड़े, हजार घोड़ों पर आई रात...

  • काव्य डेस्क-अमर उजाला, नई दिल्ली
  • मंगलवार, 18 जुलाई 2017
      नींद

हवा के हज़ार घोड़े

हजार घोड़ों पर आई रात
बहुत सारा माल असबाब
करोड़ों लोगों की नींद
बच्चों बड़ों-बूढ़ों
और जवान प्रेमी-प्रेमिकाओं के सपने

लादे हुए
जरा सी 

अनजाने ही हो जाए
भूल-चूक
कैसा बवेला मचे
लोगों की नींद में !

एक नन्ही सी अकेली जान
बिचारी पर
कितनी ढेर जिम्मेदारियां


(राजेश जोशी की ये कविता, कविता कोश से साभार ली गई है)

दीजिए अपनी टिप्पणी
सर्वाधिक पढ़े गए
21 sher on love
इरशाद

काजू भुने प्लेट में ह्विस्की गिलास में...अदम गोंडवी की कविता

  • काव्य डेस्क, नई दिल्ली
  • शुक्रवार, 21 जुलाई 2017
इरशाद

फ़िराक़ गोरखपुरी: शिकायत तेरी दिल से करते करते, अचानक प्यार तुझ पर आ गया है

  • काव्य डेस्क-अमर उजाला, नई दिल्ली
  • शनिवार, 22 जुलाई 2017
अन्य
Top
Your Story has been saved!