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Tu Ashiqui...

हाइकु

तू आशिकी...

Shahneel Khan

48 कविताएं

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तू आशिकी,
तू चैन है,
तू है दिल का सुकून 

तेरे बिना,
जीना नहीं,
तूझे पाने का है जुनून 

मर जाऊँगा,
कुछ कर जाऊँगा,
तेरे लिये 'सनम'

तू मिल जाए,
जादू चल जाए,
फिर कैसा है 'ग़म'

तू ज़िन्दगी,
तू नैन है,
तू है आँखों की रोशनी

जग-मगा उठा,
दिल का चमन,
तू है मेरी चाँदनी

आँखों में तुझे,
बनाके ख़्वाब,
मैं तो सजाऊँगा

आँखें तेरी,
झील जैसी,
इसमें नहाऊँगा

तू ताज़गी,
तू ओस है,
तू है सुहाना 'पल'

तेरे जैसा,
कोई नहीं,
तू तो है 'सजल'

रब न करे,
तुझसे जुदा,
मैं हो जाऊँ

सातो 'जनम'
मेरे 'सनम'
सिर्फ तुझको पाऊँ

साथ जियें,
साथ मरें,
है ये आरजू

हर-पल यही,
रब से दुआ,
मैं तो करूं

तू सादगी,
तू "नूर" है,
तू है दिल की खुशी

मुझको हँसाए,
दिल को लुभाए,
तेरी प्यारी हँसी

तू आशिकी,
तू चैन है,
तू है दिल का सुकून

तेरे बिना,
जीना नहीं,
तुझे पाने का है जुनून 

- नूरहसन उर्फ शाहनील ख़ान 

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