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bhaiya dooj

हाइकु

भैया दूज

Rajan Singh

4 कविताएं

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पूजा मुहूर्त
सूर्यसुता यमुना
अग्रज मूर्त॥

संज्ञा संतान
यमराज यमुना
भाई महान॥

टीका चंदन
भ्रात ललाट शोहे
प्रेम बंधन॥

नेह अपार
सुभद्रा पूजे कृष्ण
तात कपार॥

यमून स्नान
भोजन पकवान
तात को ध्यान॥

पान सुपारी
कर तात के डारी
बहिना प्यारी॥

गणेश पूजा
स्नेह कौन लुटाये
भ्रात सा दूजा॥

- राजन सिंह

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