आपका शहर Close
Home ›   Kavya ›   Book Review ›   book review of The Collision Years, written by ex president pranab mukherjee
book review of The Collision Years, written by ex president pranab mukherjee

इस हफ्ते की किताब

पूर्व राष्ट्रपति जो प्रधानमंत्री नहीं बन सके

काव्य डेस्क/ अमर उजाला

1767 Views
करीब चार दशक के संसदीय जीवन में प्रणब मुखर्जी ने तीन प्रधानमंत्रियों इंदिरा गांधी, पीवी नरसिंह राव और मनमोहन सिंह के अधीन वित्त, विदेश और रक्षा जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों के मंत्री के रूप में काम किया। वह इंदिरा गांधी के बेहद करीबी लोगों में से थे, तो राजीव गांधी ने उनसे एक दूरी बनाए रखी।

राजीव की मौत के बाद जब कांग्रेस संक्रमण के दौर से गुजर रही थी, तब वह प्रधानमंत्री नरसिंह राव और कांग्रेस अध्यक्ष सीताराम केसरी के भी काफी करीब थे। कांग्रेस की कमान सोनिया गांधी के हाथों में आने के बाद प्रणब मुखर्जी वरिष्ठता के नाते महत्वपूर्ण होने के साथ ही कांग्रेस और सरकार के अपरिहार्य स्तंभ थे।

कांग्रेस और देश की सत्ता राजनीति को करीब से देखने वाले 'प्रणब जी' को सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री क्यों नहीं बनाया? कभी आधिकारिक तौर पर प्रणब के अधीन रहे मनमोहन सिंह को सोनिया ने क्यों तरजीह दी और मनमोहन के अपने नंबर दो मंत्री से संबंध कैसे थे? ये कुछ ऐसे सवाल हैं, जिनका जवाब कदाचित प्रणब मुखर्जी से बेहतर कोई और नहीं दे सकता था।

पूर्व राष्ट्रपति की ये किताब ‘द कोलिशन ईयर्स’ संसदीय जीवन पर लिखी गई उनकी तिकड़ी की अंतिम कड़ी है। इससे पहले उन्होंने ‘द इंदिरा गांधी ईयर्स (1969-1980)’ और ‘द टरबुलेंट ईयर्स (1980-1996)’ लिखी है। जैसा कि नाम से स्पष्ट है कि यह 1996 से 2012 के बीच की गठबंधन की राजनीति के दौर के प्रत्यदर्शी की हैसियत से लिखी गई किताब है।
आगे पढ़ें

Comments
सर्वाधिक पढ़े गए
Top
Your Story has been saved!