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किसी किताब के साथ गुजरा एक दिन

मैकॉले को ख़लनायक माना जाए या महानायक?

  • काव्य डेस्क, नई दिल्ली
  • शुक्रवार, 11 अगस्त 2017

मैकॉले को किस नज़रिए से देखा जाए यह कहना सचमुच बहुत कठिन है। 'मैकॉले, एलफिन्सटन और भारतीय शिक्षा' किताब के लेखों को पढ़कर आप उनके बारे में नए ज़रियों से सोचना ज़रूर शुरू कर देंगे।

मन मुकुरः मन की व्य‌था को पूरे शिद्दत से दर्शाती है यह पुस्तक 

  • शरद मिश्र/ अमर उजाला नई दिल्‍ली
  • शुक्रवार, 14 जुलाई 2017

मन मुकुर हाइकु संग्रह में धीरा खंडेलवाल ने मन की व्य‌था को जीवन के विभिन्न पहलुओं के साथ बांधते हुए एक मर्मस्पर्शी प्रयास किया है।

स्कूल चलें हम: मतलब शिक्षा से चहुंओर उजियारा 

  • शरद मिश्र, नई दिल्‍ली
  • शुक्रवार, 7 जुलाई 2017

पत्रकारिता और स्वतंत्र लेखन के जरिए अपनी प्रतिभा की चमक बिखेरने वाले हेमंत स्नेही ने स्कूल चले हम शीर्षक से किताब लिखकर मानव समाज में शिक्षा के महत्व को रेखांकित किया है।

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