आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

पुरानी बनी नहीं, नई कालोनियों की तैयारी

Jammu

Updated Sat, 22 Dec 2012 05:30 AM IST
जम्मू। जम्मू विकास प्राधिकरण की कार्यप्रणाली पर उंगलियां उठने लगी हैं क्योंकि जेडीए ने छह साल पहले जिन प्रस्तावित कालोनियों में लोगों को घर बनाकर सौंपने का जिम्मा उठाया था, वह कागजों में सिमट कर ही रह गया। हकीकत यह है कि प्रस्तावित योजनाओं पर काम हुआ ही नहीं। जेडीए की ओर से पैसे भी लौटाए जा रहे हैं। हालांकि 66 लाख रुपये अभी लोगों के जमा हैं। जेडीए उचित समय पर कालोनियां बनाने के लिए जगह सुनिश्चित नहीं कर पाई। अब प्रस्तावित कालोनियों को भूलकर नगरोटा में नई कालोनी बनाने की योजना बनाई जा रही है।
सूत्रों की मानें तो एक ओर जहां प्रस्तावित कालोनियां बनाने में रुचि नहीं ली गई वहीं जेडीए के संबंधी अधिकारियों तथा कर्मचारियों की लापरवाही के कारण सरकारी जमीन पर स्थानीय लोगों ने कब्जे जमा लिए और इसके बाद जेडीए जमीन को खाली करवाने में हाथ खड़े कर गई।
प्रस्तावित कालोनियों में गोल गुजराल, बीरपुर और भगवती नगर में घर बनाने थे, लेकिन लोगों को दिखाया गया सपना सपना ही बन कर रह गया। वर्तमान में जेडीए के पास न तो फंड है और ही ठोस प्लानिंग। घर पाने के लिए लोगों ने दस-दस हजार रुपये फीस भी जमा करवाए थे। बाद में योजना को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। लोगों ने मकान देने की लिए शोर मचाना शुरू किया तो जेडीए ने पैसे लौटाने शुरू कर दिये। जेडीए पर अभी भी लोगों के 66 लाख रुपये देने की देनदारी है।
किस वजह से फंसा प्रोजेक्ट
जेडीए के अधिकारियों ने प्रस्तावित योजनाओं को अमलीजामा पहनाने में कोई रुचि नहीं दिखाई। छह वर्षों में कई वीसी आए और चले गए, लेकिन किसी ने लोगों की भलाई के लिए नहीं सोचा। कालोनियों के लिए प्रस्तावित जगह को उचित समय पर कवर नहीं किया गया, जिस कारण लोगों के लिए घर तैयार नहीं हो पाया।
कहां-कहां जमीन पर कब्जा
जेडीए की बेलिचराना, सिद्दड़ा, डिल्ली, नगरोटा, नरवाल, भठिंडी, सुंजवां तथा भगवती नगर सहित कई अन्य इलाकों में हजारों कनाल भूमि है, जिस पर लोगों ने कब्जा जमाया हुआ है। कई बार अधिकारी वहां गए और खाली हाथ लौट आऐ। अब हालात ऐसे हैं कि अधिकारी पब्लिक के क्रोध से बचने के लिए अपनी जमीन पर खड़े होने से भी डरते हैं।
बोर्ड की मंजूरी का इंतजार
जेडीए की वाइस चेयरपर्सन सरिता चौहान ने बताया कि बोर्ड की मंजूरी का इंतजार किया जा रहा है। प्रस्तावित कालोनियों के बारे में ज्यादा कुछ नहीं बताते हुए उन्होंने बताया कि अब नगरोटा में लोगों के लिए कालोनी बनाने की योजना है।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

स्पॉटलाइट

B'Day Spl: जब आशा भोसले को पंचम दा ने लगाई थी डांट, कैंसिल कर दी थी गाने की रिकॉर्डिंग

  • मंगलवार, 27 जून 2017
  • +

'करीना चाहती थी इस लड़की से हो शाहिद की शादी', पड़ गए 'विभूति जी' पल्ले

  • मंगलवार, 27 जून 2017
  • +

आपकी 'वेगन डाइड' कहीं आपको मोटा तो नहीं कर रही,जानें वजह

  • मंगलवार, 27 जून 2017
  • +

इस योगासन से बस दस मिनट में उतरेगा हैंगओवर

  • मंगलवार, 27 जून 2017
  • +

आपकी स्किन खराब कर रहे हैं ये ब्यूटी ट्रीटमेंट, कहीं आप भी तो नहीं करवा रहे हैं?

  • मंगलवार, 27 जून 2017
  • +

Most Read

मारा गया कुख्यात गैंगस्टर आनंदपाल, देर रात हुआ एनकाउंटर

gangster anandpal encountered by rajasthan police
  • रविवार, 25 जून 2017
  • +

ईद पर शबाना के SMS से DM का दिल पसीजा, तोहफे में दी ईदी

Eid Mubarak Shabana sent SMS to Varanasi DM, got Idi in gift
  • सोमवार, 26 जून 2017
  • +

अखिलेश ने उठाए सवाल, पूछा-ईदगाह पर क्यों नहीं आए सीएम योगी

akhilesh yadav questions why CM yogi did not visit Eidgah on Eid.
  • सोमवार, 26 जून 2017
  • +

हरियाणा से मिला सुराग और फिर यूं चला एनकाउंटर आॅपरेशन

gangster  anandpal singh full encounter update
  • रविवार, 25 जून 2017
  • +

आनंदपाल एनकाउंटर पर सवाल, ये दे रहे है दलीलें

question raised over gangster anandpal singh encounter
  • रविवार, 25 जून 2017
  • +

आनंदपाल एनकाउंटर: जीता था शाही लाइफ और करता था दाउद को फॉलो

anand pal singh's lifestyle
  • रविवार, 25 जून 2017
  • +
Live-TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top