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बीएड कालेज डेढ़ करोड़ का मुआवजा भरे

Jammu

Updated Fri, 07 Dec 2012 05:30 AM IST
जम्मू। जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट के न्यायाधीश हसनैन मसूदी ने प्राइवेट बीएड कालेज की याचिका को रद करते हुए कालेज मेें एडमिशन लिए 292 छात्रों को 1.46 करोड़ रुपये मुआवजा देने के आदेश दिए। कोर्ट के आदेश अनुसार प्रति छात्र को 50 हजार रुपये मुआवजे के तौर पर दिए जाएं। कालेज पर आरोप है कि उसने स्वयं काउंसलिंग करके 292 छात्रों को एडमिशन दी, जबकि एडमिशन यूनीवर्सिटी करती है और बाद में कालेज अलाट किए जाते हैं। कालेज ने यूनीवर्सिटी रूल का उल्लंघन किया है। याची कालेज जम्मू यूनीवर्सिटी से एफिलिएटेड नान गवर्नमेंट बीएड कालेज है। उसे 334 छात्रों को प्रवेश करने की अनुमति दी गई। प्राइवेट कालेज और याची कालेज में छात्रोें की एडमिशन के लिए विश्वविद्यालय में सेंट्रल एडमिशन कमेटी द्वारा केंद्रीयकरण प्रवेश प्रणाली से की जाती है। विश्वविद्यालय ने 14 जून 2011 को अध्यादेश जारी करके बीएड रेगुलर कोर्स के लिए आवेदन मांगे। आवेदन 2011-2012 सत्र के लिए थे। इस सत्र के लिए 25 हजार में से 18368 छात्रोें ने विज्ञापन पर अपना आवेदन दिया। इसमेें से 14,154 छात्रों ने कांउसलिंग में भाग लिया और उन्हें प्रवेश दिया गया। विभिन्न प्राइवेट कालेजों में 6870 सीटें खाली रहीं। चुने गए छात्रों में से 18 उम्मीदवारों ने याची कालेज दिव्या कालेज के लिए केवल 18 उम्मीदवारों ने अपनी च्वाइस दी। इसके कारण कालेज के 334 सीटों में से 292 सीटें खाली रहीं। प्राइवेट बीएड कालेज की एसोसिएशन ने भी खाली पड़ी सीटों को भरने के लिए विश्वविद्यालय की सेंट्रल एडमिशन कमेटी को पत्र लिखा। इस पत्र में कहा गया कि खाली पड़ी सीटों पर वह स्वयं एडमिशन करना चाहते हैं। इस एडमिशन में सेंट्रल एडमिशन कमेटी को शामिल नहीं किया जाए। इस पत्र पर विश्वविद्यालय ने 20 दिसंबर 2011 को कड़ी प्रतिक्रिया जताई और 21 दिसंबर को विज्ञापन भी छप गया। इस नोटिस में कहा गया कि प्राइवेट बीएड कलेज अपने तौर पर जो भी एडमिशन करेगा। वह अवैध होंगी। एडवोकेट बीएस सलाथिया और विश्वविद्यालय के एडवोकेट डब्लयूएस नरगाल की दलीलों के बाद पाया छात्रों के पास खुली छूट थी कि वह कोई भी पसंदीदा कालेज चुन सके। उसके पास 334 छात्रों के लिए जगह थी और मात्र 18 ने ही प्रवेश लिया। कालेज ने अपने तौर पर 292 सीटें भर ली। 13,740 छात्रों में केवल 18 ने ही याची कालेज को बीएड कोर्स के लिए चुना। जेएनएफ
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