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दवाई की 158 अवैध दुकानें सीज

Jammu

Updated Thu, 15 Nov 2012 12:00 PM IST
जम्मू। ड्रग एंड फूड कंट्रोल आर्गनाइजेशन ने रियासत में दवाइयों के गोरखधंधे पर नकेल कसते हुए 158 दवाइयों की दुकानों को सीज किया है। इन दुकानों पर बिना लाइसेंस के अवैध तरीके से दवाइयों की बिक्री की जा रही थी। इनमें अधिकांश दवाइयां कम गुणवत्ता और लोकल स्तर की रहती हैं। इनमें कश्मीर डिवीजन में 142 और जम्मू डिवीजन में 16 ऐसी दुकानें बंद करवाई गई हैं। मजेदार बात यह है कि इस अवैध धंधे में इन दवाईखानों को चलाने में अधिकांश स्वास्थ्य विभाग के मुलाजिम हैं। ड्रग कंट्रोलर सतीश गुप्ता का कहना है कि ऐसे अवैध विक्रेताओं के खिलाफ अभियान चलाया गया है। सीज करने की प्रक्रिया करीब दो माह से जारी है।
स्वास्थ्य विभाग आयुक्त सचिव एमके द्विवेदी और उच्च न्यायालय के आदेश पर अमल करते हुए विभाग की टीमों ने कश्मीर और जम्मू डिवीजन में कई जगह दबिश देकर दवाई विक्रेताओं के लाइसेंस चेक किए। ऐसी जानकारी मिली थी कि दोनों डिवीजनों में बिना लाइसेंस लिए दवाइयों की अवैध बिक्री की जा रही है। इनमें कश्मीर डिवीजन के अधिकांश जिलों में ऐसी अवैध दुकानें धड़ल्ले से चलती हुई पाई गईं। आर्गनाइजेशन की टीमों ने कश्मीर के श्रीनगर जिले में 15, गांदरबल में 10 बांडीपोरा में चार, बडगाम में 21, बारामूला में 20, कुपवाड़ा में चार, अनंतनाग में 19, कुलगाम में नौ, शोपियां में 15, पुलवामा में 25 दुकानों को सीज किया गया है। इसी तरह जम्मू संभाग में जिला जम्मू में नौ, कठुआ में दो और सांबा में पांच दुकानें सीज की गई हैं। गैर मुनाफे के लिए चलाई जा रही ऐसी दुकानों से बिक्री की जा रही दवाइयों से आम लोगों की सेहत से खिलवाड़ किया जा रहा है। इनमें स्थानीय स्तर की दवाइयां ज्यादा मुहैया करवाई जाती हैं। उल्लेखनीय है कि मापदंडों पर जम्मू डिवीजन में 4000 से ज्यादा रिटेल और 1300 से ज्यादा होलसेल दवाइयों के काउंटर चल रहे हैं। इसके अलावा कई दर्जनों ऐसे सेंटर भी हैं, जो अवैध ढंग से चल रहे हैं। जम्मू संभाग की बात करें तो कठुआ सेक्टर में पंजाब से सटे इलाकों से एजेंट आकर यहां इस अवैध धंधे को कर रहे हैं। इनमें अधिकांश मामलों में किराये की दुकानों का सहारा लिया जाता है। यही नहीं कई एजेंट पंजाब से सुबह आकर विभिन्न स्थानों पर इस तरह दवाइयों की बिक्री करके शाम को वापस पंजाब के इलाकों में लौट जाते हैं।
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