आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

बावे वाली माता और महामाया के दर्शनों के लिए दिन भर लगी कतारें

Jammu

Updated Wed, 24 Oct 2012 12:00 PM IST
जम्मू। मंदिरों के शहर जम्मू में मंगलवार को नवमी की धूम रही। कंजक पूजन के साथ शारदीय नवरात्रों का समापन हुआ। अमन शांति के लिए हवन यज्ञों में श्रद्धालुओं ने पूर्णाहुति डाली। भंडारों में भी बड़ी संख्या में भक्तों ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य कमाया। महामाई के जागरणों में मां का गुणगान किया गया। बावे वाली माता सहित अन्य मंदिरों में आस्था का सैलाब पहुंचा।
उल्लेखनीय है कि गत दिवस अष्टमी पर भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कंजक पूजन के साथ शारदीय नवरात्र संपन्न कर दिए थे, लेकिन अधिकांश लोगों ने इस बार एक नवरात्र कम आने पर नवमी पर ही कंजक पूजन किया। मंगलवार सुबह से ही कंजक पूजा के लिए कंजकों को ढूंढने का सिलसिला शुरू हो गया था। इस दौरान बच्चियों की कई टोलियां मोहल्ले में पहुंचकर पूजा में शामिल हो रही थीं तो अधिकांश जगह कंजकों को तलाशने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। मां की चुनरी, हलवा, पूरी, छोले आदि के साथ कंजकों के पांव छूकर उनसे मां के रूप में आशीर्वाद लिया गया। नवमी में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने व्रत भी रखा हुआ था। दूसरी ओर नवमी की छुट्टी और मंगलवार पड़ने पर शहर के प्रमुख बावे वाली माता के मंदिर में सुबह से ही भक्तों का पहुंचना शुरू हो गया था और देर शाम तक यह सिलसिला चलता रहा। मां के दरबार की सजावट देखते ही बन रही थी। दूर-दूर तक फूलों की महक पूरे परिसर को खुशनुमा बना रही थी। मंदिर के द्वार खुलने के साथ ही जय माता दी, बोल बावे वाली माता तेरी सदा ही जय... आदि के जयघोष के साथ पूरा माहौल भक्तिमय बना रहा। घंटों तक लाइनों में अपनी बारी का इंतजार करने के बाद भी भक्तों के चेहरों पर कोई थकान नहीं थी। हाथों में अगरबत्ती, फूल, प्रसाद आदि पूजा सामग्री मां को समर्पित की गई। इसी तरह बावे वाले माता के मंदिर से कुछ ही किमी. की दूरी पर स्थित महामाया माता मंदिर में भी भक्तों की अच्छी खासी भीड़ पहुंची। हाईवे पर नगरोटा स्थित कोल कंडोली मंदिर भी नवमी पर आस्था का केंद्र बना रहा। राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित होने के कारण मंदिर में स्थानीय श्रद्धालुओं के अलावा बड़ी संख्या में पर्यटकों और यात्रियों महामाई के दर्शन किए। मंदिर में स्थापित मां को पंगूड़े आकर्षण का केंद्र रहे। ऐसी मान्यता है कि यहां महामाई पंगूड़े (झूले ) में रही थी। सुबह और सूर्य अस्त के समय सूर्य पुत्री तवी सहित अन्य साख प्रवाहित करने श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

स्पॉटलाइट

जानें नए कलेवर में लॉन्च नोकिया फोन की खूबियां

  • सोमवार, 27 फरवरी 2017
  • +

जानिए दुनिया के सबसे सम्मानित पुरस्कार 'ऑस्कर' से जुड़ी 10 रोचक बातें 

  • रविवार, 26 फरवरी 2017
  • +

ICC रैंकिंग: स्टीव ओ'कीफ की ऊंची छलांग, अश्विन-जडेजा और विराट को हुआ नुकसान

  • रविवार, 26 फरवरी 2017
  • +

अब यह लोकप्रिय कार भी नहीं मिलेगी बाजार में

  • रविवार, 26 फरवरी 2017
  • +

सेक्स में चरम सुख की कुंजी क्या है? शोध में हुआ खुलासा

  • रविवार, 26 फरवरी 2017
  • +

Most Read

बागी मंत्री को अख‌िलेश ने क‌िया कैब‌िनेट से बाहर

vijay mishra expelled from akhilesh cabinet
  • रविवार, 26 फरवरी 2017
  • +

झारखंड: महिला कर्मचारियों को मिलेगी दो विशेष छुट्टी

Jharkhand:women will get 2 special leave under sarva shiksha abhiyan
  • रविवार, 26 फरवरी 2017
  • +

ड‌िम्पल ने मोदी को बताया झूठ का प‌िटारा, कसाब को द‌‌िया नया फुलफॉर्म

dimple yadav rally in gonda
  • शनिवार, 25 फरवरी 2017
  • +

पीएम मोदी के बयान से हिला पाकिस्तान, सर्जिकल स्ट्राइक-2 की तैयारी तो नहीं!

prime minister statement shock pakistan
  • सोमवार, 27 फरवरी 2017
  • +

जानें, अखिलेश को मायावती से क्यों लग रहा है डर

akhilesh says against mayawati
  • सोमवार, 27 फरवरी 2017
  • +

खुशखबरी : 15 अप्रैल से यहां हाेगी सेना रैली भर्ती, 13 जिलाें के अभ्यर्थी अभी करें अावेदन

sena bharti rally in kanpur
  • बुधवार, 22 फरवरी 2017
  • +
TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top