आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

इलेक्ट्रानिक मीटर लगाने से हुआ कमाल

Udhampur

Updated Wed, 25 Jul 2012 12:00 PM IST
उधमपुुर। जिले में इलेक्ट्रानिक मीटर ने बिजली विभाग के राजस्व को इस कदर बढ़ा दिया है कि मानों वह विभाग के लिए सपना हो। जिले के शहरी इलाकों में इलेक्ट्रानिक मीटर लगने के साथ राजस्व में जबर्दस्त उछाल आया है। वर्ष 2011-12 में बिजली विभाग का राजस्व 5984.516 लाख रुपये रहा है जो कि 2010-11 की तुलना में 600 लाख रुपये ज्यादा है। विभाग के अधिकारी का कहना है कि ग्रामीण इलाकों में मीटर लगने के बाद राजस्व में और वृद्धि होगी।
2007-08 तक जिला में लोग बिजली के कटों से बुरी तरह से परेशान थे तो विभाग लगातार हो रही बिजली की चोरी और घटते राजस्व को लेकर चिंतित था। इलेक्ट्रानिक मीटर लगने से पहले प्रत्येक दिन शहरवासियों को 6-8 घंटे बिजली कट का सामना करना पड़ता था।
वहीं मीटर नहीं लगने के कारण पूरे शहर में बिजली की चोरी भी धड़ल्ले से जारी थी। मंजूर लोड से अधिक खपत और बिजली का किराया नहीं दिए जाने से विभाग का राजस्व लगातार घट रहा था। इस सबसे निपटने के लिए विभाग ने 2007-08 के अंत में शहर में इलेक्ट्रानिक मीटर लगाने का कार्य आरंभ किया। जिस वार्ड में भी बिजली विभाग ने मीटर लगाए वहां बिजली के कट बंद हो गए। कट बंद होने के बाद शहरवासियों को 24 घंटे बिजली की सुविधा मिलने लगी और लोगों ने भी बिजली का उचित उपयोग आरंभ कर दिया। शहर के कुछ हिस्सों में मीटर लगते ही 2007-08 में बिजली विभाग के राजस्व में 500 लाख रुपये से ज्यादा का इजाफा हुआ। जैसे-जैसे मीटर लगते जा रहे हैं वैसे-वैसे विभाग के राजस्व में कई गुना अधिक वृद्धि होती जा रही है।
कमाई में हो रहा इजाफा
अगर बिजली विभाग के राजस्व पर नजर डाली जाए तो पता चलता है कि ई-मीटर लगने के बाद प्रत्येक वर्ष विभाग के राजस्व में औसतन 400 लाख रुपये की वृद्धि हो रही है। जो कि बड़ी उपलब्धि है। ई-मीटर लगने से पहले 2006-07 में बिजली विभाग का राजस्व 4000 लाख रुपये था। 2007-08 सितंबर में मीटर लगने के बाद राजस्व में 500 लाख रुपये की वृद्धि हुई और राजस्व 4500 लाख पहुंच गया। 2009-10 के अंत में पूरे उधमपुर शहर और साथ लगते इलाकों में ई मीटर लगा दिए गए। जिसके बाद राजस्व 5013.626 लाख रुपये हो गया। 2010-11 में 5377.215 लाख पहुंच गया, लेकिन, 2011-12 में राजस्व पिछले वर्ष की तुलना में 600 लाख से ज्यादा बढ़कर 5984.516 लाख रुपये तक पहुंच गया। 2012-13 वित्त वर्ष में 20 जुलाई 2012 तक जिले में करीब चार महीने में राजस्व 2237.218 लाख रुपये जमा हो चुका है। आंकड़ों से लगता है कि जारी वित्त वर्ष में विभाग का राजस्व 7000 लाख के करीब पहुंचेगा।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

electronic meter

स्पॉटलाइट

ऐश्वर्या राय सोशल मीडिया से रहेंगी दूर, पति अभिषेक ने लगाया बैन, वजह चौंका देगी

  • शुक्रवार, 24 फरवरी 2017
  • +

'बाहुबली-2' का मोशन पोस्टर रिलीज

  • शुक्रवार, 24 फरवरी 2017
  • +

Film Review: मैं 'रंगून' जाऊं कि नहीं, तय करें...

  • शुक्रवार, 24 फरवरी 2017
  • +

कम दाढ़ी की वजह से हैं परेशान? इन तरीकों से पाएं राहत

  • शुक्रवार, 24 फरवरी 2017
  • +

यात्रा करते समय आती हैं उल्टियां? अपनाएं ये तरीके

  • शुक्रवार, 24 फरवरी 2017
  • +

Most Read

भड़काऊ भाषण ने खड़ा किया मुसीबतों का पहाड़, पीएम मोदी के सामने आई नई मुश्किल

pm accused of making inflammatory speeches at rally
  • गुरुवार, 23 फरवरी 2017
  • +

खुशखबरी : 15 अप्रैल से यहां हाेगी सेना रैली भर्ती, 13 जिलाें के अभ्यर्थी अभी करें अावेदन

sena bharti rally in kanpur
  • बुधवार, 22 फरवरी 2017
  • +

पुलिस अंकल जबरदस्ती करते रहे और मैं चिल्लाती रही

mai chilaati rahi
  • बुधवार, 22 फरवरी 2017
  • +

यूपी चुनाव 2017 : एक गांव में एक वोट पड़ा दूसरे में एक भी नहीं, कारण जानकर रह जाएंगे हैरान

vilagers  voting boycott in kanpur
  • रविवार, 19 फरवरी 2017
  • +

पत्नी की हत्या का आरोपी अमनमणि समेत सात सपा से निष्कासित

Amanmani tripathi expelled from SP.
  • शुक्रवार, 24 फरवरी 2017
  • +

Up election 2017 : जातिवाद का खोट, बुंदेलखंड में बंट गए वोट

up election 2017 fourth phase in bundelkhand
  • शुक्रवार, 24 फरवरी 2017
  • +
TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top