आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

एसएसए मेें नियमों की धज्जियां

Sri nagar

Updated Tue, 23 Oct 2012 12:00 PM IST
श्रीनगर। सर्वशिक्षा अभियान के तहत स्कूलों में बेहतर ढांचे के लिए केंद्र सरकार की ओर से नई इमारतें प्राइमरी और अपर प्राइमरी स्कूल और उनके साथ अन्य क्लासों के कमरे बनाने के निर्देश के बावजूद भी निर्धारित स्कूल नहीं बन पाए हैं। हालांकि हर स्कूल की बिल्डिंग को छह महीने में तैयार किया जाना था, लेकिन कैग की रिपोर्ट के मुताबिक बिल्डिंगाें को तैयार होने में 12 से 36 महीने की अवधि लग गई। रिपोर्ट के मुताबिक 2006 से 2010 तक यानी पांच वर्षों में निर्धारित 157 प्राइमरी स्कूलों पर काम कराने का फैसला हुआ, लेकिन उसमें से सिर्फ 25 स्कूलों पर ही काम शुरू हो पाया। बाकी निर्धारित 132 स्कूलों का काम 2011 तक भी प्लान में नहीं आ पाया। स्कूलों पर काम न शुरू करने से प्राइमरी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे इन सुविधाओं से वंचित रहे। हालांकि मूल रूप से इस अभियान के लिए फंड की कोई कमी नहीं थी। जम्मू संभाग में इस काम में हुई देरी से यहां के मासूम बच्चे प्रभावित रहे। इस दौरान कैग के मुताबिक जम्मू संभाग के चीफ एजूकेशन आफिसर ने इन स्कूलों में काम शुरू न करने की वजह न्यायालय में केस, भूमि का न होना और असिस्टेंट इंजीनियर न होना बताया है। इस दौरान बनाए गए मौजूदा स्कूलों की देखभाल का काम को निर्धारित किया गया। इस दौरान देखभाल पर 4000 से 7500 रुपये खर्च करने की इजाजत दी गई, लेकिन निर्धारित नियमों को ताक पर रख कर यहां 5000 से 10000 रुपये खर्च किए गए। इस दौरान कैग के मुताबिक आठ विभिन्न जगहों पर जोनल एजूकेशन आफिसर ने नियमों की परवाह किए बगैर 34 लाख रुपये खर्च कर डाले। कैग की ओर से जांच के बाद ऐसा नहीं करने की बात की। कैग की रिपोर्ट के मुताबिक आठ जोनल एजूकेशन अफसरों की जांच के दौरान पता चला कि 2006 से 2011 तक 33 लाख रुपये की कीमत से ली गई पहली से आठवीं तक किताबों को 102849 में खरीदा गया, जबकि स्कूलों में इतने बच्चे मौजूद ही नहीं थे।
इस तरह नतीजा यह निकला कि किताबें जोनल अफसरों के विभागों में पड़ी रहीं, जिसकी वजह से किताबों का इस्तेमाल नहीं हुआ और 33 लाख के फंड ब्लाक हो गए।
इस तरह अखनूर में 14672 किताबें 348992, भलवाल में 11542 किताबें 308580, गांधी नगर में 7975 किताबें 284270, जम्मू में 7975 किताबोें 284270, डंसाल में 10399 किताबें 190517, आरएस पुरा में 10399 किताबें 312792, ज्यौड़ियां में 6444 किताबें 217141, मरह में 32150 किताबें 1171110 रुपये में किताबें खरीद कर जोनल अफसरों के विभागों में पड़ी रहीं, जिससे अभियान के इस प्रोग्राम का नाजायज इस्तेमाल किया गया।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

स्पॉटलाइट

जनवरी का अंत‌िम सप्ताह हर राश‌ि के ल‌िए है खास जान‌िए, क‌िसे म‌िलेगा लाभ, क‌िसे नुकसान

  • सोमवार, 23 जनवरी 2017
  • +

फिल्म में रेप सीन करने के बाद तीन रातों तक रोती रही ये एक्ट्रेस

  • सोमवार, 23 जनवरी 2017
  • +

सायना नेहवाल ने खत्म किया सूखा, लंबे समय बाद जीता गोल्ड

  • रविवार, 22 जनवरी 2017
  • +

Bigg Boss : सलमान ने शाहरुख पर लगाया गोभी चुराने का आरोप, भड़क गए किंग खान

  • रविवार, 22 जनवरी 2017
  • +

अगर दफ्तर में सोना है तो सोएं, लेकिन जरा नजाकत से

  • रविवार, 22 जनवरी 2017
  • +

Most Read

पाकिस्तान से रिहा सैनिक चंदू भारत में ‘कैद’

Indian soldier Chandu Babulal Chavan
  • सोमवार, 23 जनवरी 2017
  • +

शिवपाल समर्थकों ने बनाया नया संगठन, नाम जानकर हो जाएंगे हैरान

shivpal supporters created new organization
  • शनिवार, 21 जनवरी 2017
  • +

अखिलेश की सूची में कुछ नाम बदले, कुछ निरस्त, यहां देखें

correction in akhilesh yadav list
  • शुक्रवार, 20 जनवरी 2017
  • +

बोले राजा भइया- नहीं है गठबंधन की जरूरत, अकेले ही जीत लेंगे चुनाव

there is no need of alliance with congress
  • शुक्रवार, 20 जनवरी 2017
  • +

बीजेपी को झटका, पूर्व विधायक ने थामा अखिलेश का हाथ

shiv singh chak joins samajwadi party
  • बुधवार, 18 जनवरी 2017
  • +

विदेशी सेब पौधे कहीं चौपट न कर दें 3000 करोड़ की बागवानी

foreign apple cultivation is threat for himachal apple growers
  • सोमवार, 23 जनवरी 2017
  • +
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top