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1577 हेक्टेयर भूमि की नहीं होती है सिंचाई

Kathua

Updated Mon, 08 Oct 2012 12:00 PM IST
कठुआ। किसानों के खेतों में पानी की सप्लाई के लिए जिले में कई नाले व कूहलें हैं, लेकिन फिर भी किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। इसका नुकसान हर वर्ष जिले के किसानों को फसल की कम पैदावार के रूप में उठाना पड़ता है। वर्तमान आंकड़ों पर गौर करें तो जिले में सिंचाई विभाग के तहत आने वाली कुल भूमि में हजारों हेक्टेयर भूमि पर सिंचाई के लिए पानी ही नहीं पहुंच पाता है। ऐसे में किसानों को खुद का जुगाड़ कर फसल उगाना पड़ रहा है। वर्तमान में जिले के 47 नालों व कूलों में 13 का अस्तित्व ही खत्म हो चुका है। इसके अलावा विभाग द्वारा समय-समय पर पानी सप्लाई नहीं किया जाता है, जिसके कारण सबसे नुकसान कठुआ ब्लाक को हुआ है। वहीं जिले के अन्य ब्लाकों में भी सिंचाई के लिए पानी नहीं होने के कारण किसानों को नुकसान उठाना पड़ता है। किसानों का कहना है कि विभाग अस्तित्व खो चुके नालों के तहत आने वाली जमीनों का आवयाना भी वसूलते हैं। जबकि इनमें पानी आता ही नहीं है। वहीं हाल ही में क्षतिग्रस्त हुए नालों को भी अस्थाई रूप से ही ठीक किया जाता है।
अस्थाई मरम्मत पर निर्भर है विभाग
विभागीय सूत्रों नें बताया कि वर्तमान में विभाग द्वारा नालों व कूलों की मरम्मत के लिए कोई ठोस प्रबंध नहीं है। पिछले कई सालों से नालों को पक्का नहीं किए जाने के चलते वर्तमान में इनके टूटने की खबरें विभाग को मिलती रहती हैं। जहां कहीं से भी किसी नाले के टूटने की खबर मिलती है, वहां पर जाकर उसे स्थाई रूप से पक्का करवाने की बजाए विभाग अस्थाई मरम्मत कर ही पानी की सप्लाई छोड़ देता है। जिसके कारण पानी की सप्लाई पूरी नहीं की जा रही है।

टालता रहता है विभाग
हर वर्ष विभाग द्वारा पानी की सप्लाई पूरी नहीं की जाती है। जबकि विभाग इसके लिए हर वर्ष पूरा आवयाना वसूलता है। जिले में कई जगहों पर तो नालों व कूलों का अस्तित्व ही खो चुका है, जिसके कारण पिछले कई सालों से पानी ही नहीं आया है। विभाग से बात करने पर नालों की मरम्मत की बात कहकर टाल दिया जाता है। हर साल कम पैदावार के चलते उन्हें नुकसान उठाना पड़ता है। लेकिन विभाग ने पानी की सप्लाई के लिए ठोस प्रबंध नहीं किए हैं।
शिव देव सिंह, राज्य अध्यक्ष, राष्ट्रीय किसान संघ

क्या कहते हैं अधिकारी?
जिले में किसानों को पानी की सप्लाई फसल के हिसाब से की जाती है। विभाग की पूरी कोशिश रहती है कि किसानों को समय पर पानी पहुंचाया जाए। जो नाले व कूलें खत्म हो चकी हैं उनकी सूचना विभाग के उच्च अधिकारियों को दे दी गई है। वहीं जो नाले व कूलें खराब हैं उनकी मरम्मत के लिए भी सरकार से राशि की मांग की गई है।
सांझी राम, जिलादार सिंचाई विभाग
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