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सुकराला माता के लिए श्राइन बोर्ड की जरूरत

Kathua

Updated Wed, 26 Sep 2012 12:00 PM IST
बिलावर। बिलावर तहसील में धार्मिक पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। ऐसे तो तहसील मेें दर्जनों ऐतिहासिक धार्मिक स्थल हैं, लेकिन इनमें सुकराला माता, बाला सुंदरी और प्राचीन शिव मंदिर को कौन नहीं जानता। यहां नवरात्र के दौरान भक्तों का सैलाब उमड़ता है, लेकिन उन्हें सुविधाओं की कमी बहुत खलती है। यहां आने वाले श्रद्धालुओं का मानना है कि यदि सुकराला माता और बाला सुंदरी माता के मंदिर को श्राइन बोर्ड के हवाले कर दिया जाए तो इन स्थलों का कायदे से विकास होगा और पर्यटकों का आमद भी काफी बढ़ जाएगी। बिलावर का पांडवों द्वारा निर्मित प्राचीन शिव मंदिर यहां अपनी वास्तुकला और मूर्तिकला के लिए विश्व भर में प्रसिद्ध है। वहीं प्रकृति की गोद में विराजमान माता सुकराला और माता बाला सुंदरी के भवन बरबस ही भक्तों को अपनी और आकर्षित करते हैं। माता सुकराला के दर्शन को हर साल हजारों की संख्या में भक्त माता सुकराला के दरबार में
पहुंचते हैं। दूसरी तरफ उज्ज पुल लुडेरा स्थित वरुण देव ख्वाजा खिजर का दरबार एकता और भाई चारे का प्रतीक बना हुआ है। यहां हर मजहब के लोग अपने रीति-रिवाज के अनुसार पूजा-इबादत करते हैं।
इसके अलावा और भी कई ऐतिहासिक धार्मिक स्थल तहसील के विभिन्न भागों में मौजूद हैं, लेकिन सबसे ज्यादा श्रद्धालु अथवा धार्मिक पयर्टक माता सुकराला के दरबार में ही पहुंचते हैं। विशेषतौर पर चैत्र और आश्विन नवरात्र के उत्सव के दौरान यहां पर विशाल मेला लगता है, जिसमें भाग लेने और माता की पवित्र पिंडियों के दर्शन करने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं।

मंदिर कमेटी के पास इस वक्त अस्सी लाख रुपये हैं। हम इस रकम को मंदिर के विकास और यात्रियों को सुविधाएं देने के लिए प्रयोग करना चाहते हैं। मगर सबसे बड़ी समस्या भूमि की है। एक तो कोई अपनी भूमि नहीं देता और दूसरा बारीदार कमेटी के साथ सहयोग नहीं करते हैं। अलबत्ता इस समय सुकराला में एक विशाल यात्री भवन का निर्माण करवाया जा रहा है।
-नरेंद्र कुमार शर्मा, तहसीलदार एवं चेयरमैन

तहसील के तमाम धार्मिक स्थलों के विकास के पक्षधर हैं। क्योंकि इलाके की आर्थिक तरक्की के लिए इनका विकास बहुत जरूरी है। केंद्र सरकार ने पहले ही माता सुकराला के विकास के लिए पांच करोड़ रुपये का फंड जारी कर दिया है। इन धार्मिक स्थलों के विकास और यात्रियों को सुविधाएं पहुंचाने के लिए आने वाले दिनों में सुकराला माता श्राइन बोर्ड का गठन भी कर दिया जाएगा।
-डॉ. मनोहर लाल शर्मा, सहकारिता मंत्री
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