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बंदूक की नोक पर लिया इस्तीफा : नाशीद |
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| माले। |
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| Story Update : Wednesday, February 08, 2012 6:29 PM |
मालदीव में पुलिस विद्रोह के बाद मंगलवार को इस्तीफा देने वाले पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नाशीद ने बुधवार को बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि उन्हें बंदूक की नोक पर जबरन इस्तीफा देने को कहा गया था। नाशीद ने अपनी पार्टी की बैठक के बाद यहां संवाददताओं से कहा, बंदूकधारियों ने मुझे चारो तरफ से घेर रखा था और उन्होंने मुझे धमकी दी कि अगर मैंने इस्तीफा नहीं दिया तो उन्हें अपने हथियारों का इस्तेमाल करने में कोई झिझक नहीं होगी। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि उन पर किन लोगों ने बंदूकें तान रखी थी। लेकिन उनके एक सहयोगी ने बताया कि सेना ने उन्हें सत्ता से बेदखल किया है।
चुनाव कराए जाने की अपील की नाशीद ने कहा, ‘मैंने मुख्य न्यायाधीश से मामले की जांच करके यह पता लगाने को कहा है कि इस तख्तापलट के पीछे किसका हाथ था। हम विधिसम्मत सरकार की वापसी के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे।’ उन्होंने कहा, ‘मैंने नवनियुक्त राष्ट्रपति वाहिद हसन से अपने पद से इस्तीफा देकर तत्काल चुनाव कराए जाने की घोषणा करने की अपील की है। इस बीच वाहिद ने उन आरोपों को गलत बताया जिनमें कहा जा रहा है कि यह सैन्य तख्तापलट की कार्रवाई थी और वह भी इस साजिश का हिस्सा थे।
मेरी नियुक्ति संविधान के अनुरूप हुई उन्होंने कहा, क्या मेरी शख्सियत तख्तापलट की साजिश रचने वाले व्यक्ति जैसी लगती है। ऐसी कोई पूर्वनियोजित योजना नहीं थी। मैं इसके लिए पहले से तैयार भी नहीं था। मेरी नियुक्ति संविधान के अनुरूप हुई है। उन्होंने कहा, लोग पिछले कुछ सप्ताहों से सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे थे और आखिरकार वह वक्त आ गया जब भीड़ बेकाबू हो गयी और राष्ट्रपति ने जब बातचीत की कोशिश शुरू की तब तक काफी देर हो चुकी थी और लोग उनका इस्तीफा चाहते थे। वाहिद ने कहा, ‘हालातों पर काबू पा लिया गया है। पुलिस और सैन्य बल दोनों का समर्थन मुझे हासिल है।
प्रशासन से जुडे़ अधिकारियों की यात्रा पर रोक नाशीद प्रशासन से जुडे़ अधिकारियों की यात्रा पर रोक लगा दी गयी है क्योंकि उनके खिलाफ पद के दुरुपयोग के मामले की जांच शुरू की जा सकती है। अपुष्ट खबरों में बताया गया है कि करीब 50 अधिकारियों की यात्रा पर रोक लगायी गयी है। गौरतलब है कि देश में लगभग तीन सप्ताह पहले यह समस्या तब शुरू हुई जब नाशीद ने अपने पूर्ववर्ती राष्ट्रपति मैमून अब्दुल गयूम के करीबी माने जाने वाले एक न्यायाधीश की गिरफ्तारी का आदेश दे दिया।
मालदीव पर 30 वर्षों तक शासन किया इस पर विपक्ष ने नाशीद पर तानाशाह होने का आरोप लगाया था और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए थे। गयूम और नाशीद के बीच दशकों पुरानी प्रतिद्वंद्विता है। गयूम ने मालदीव पर 30 वर्षों तक शासन किया था। गयूम सरकार के दौरान लोकतंत्र के लिए आंदोलन करने वाले नशीद को 27 बार गिरफ्तार किया जा चुका है और छह वर्ष जेल में काटने पडे़ हैं।
हालात पर काबू पा लिया गया है। पुलिस और सैन्य बल दोनों का समर्थन मुझे हासिल है: मोहम्मद वाहिद हसन, राष्ट्रपति मालदीव
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