पाकिस्तान के प्रधानमंत्री युसुफ रजा गिलानी ने गृह मंत्री रहमान मलिक की टिप्पणी का खंडन करते हुए अशांत बलूचिस्तान प्रांत में सेना का अभियान शुरू करने से इनकार किया है। मलिक ने कहा था कि पश्चिमोत्तर स्वात घाटी की तरह बलूचिस्तान में भी आतंकवाद निरोधक अभियान चलाया जा सकता है। गिलानी ने कहा, ‘स्वात या मलाकंद की तरह अभियान शुरू करने की कोई योजना नहीं है।’
गिलानी का संकेत बीते वर्ष पश्चिमोत्तर में तालिबान के खिलाफ शुरू किए गए अभियान की ओर था। उन्होंने कहा कि सरकार सहयोग और मेल-मिलाप की राजनीति में भरोसा करती है सैन्य के इस्तेमाल जैसे तरीकों में नहीं। प्रधानमंत्री का कहना था कि बलूचिस्तान के संबंध में फैसला करने का अधिकार प्रांत की सरकार को करना है। हालांकि मलिक ने भी अपने बयान पर लीपापोती करनी शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि प्रांत में सेना का प्रयोग केवल पुख्ता सबूतों और जांच की रिपोर्टों के आधार पर ही हो सकता है। गिलानी ने रहमान के बयान को असंगत बताया। उन्होंने कहा कि मलिक ने ऐसी किसी भी योजना को सिरे से नकार दिया है।
खबर पर अपनी राय दें