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ब्रिटिश स्कूल कर रहा गणित की आउटसोर्सिंग

लंदन।
Story Update : Friday, September 10, 2010    11:17 PM
British School of Mathematics is outsourcing

ब्रिटेन का एक स्कूल भारत से गणित विषय की पढ़ाई आउटसोर्स कर रहा है। यह पहला ब्रिटिश स्कूल है जो गणित में कमजोर अपने छात्रों के लिए भारतीय राज्य पंजाब के 100 शिक्षकों की मदद ले रहा है। उत्तरी लंदन का ऐशमाउंट प्राइमरी स्कूल इस सेवा का इस्तेमाल कर रहा है। इसे ब्राइट स्पार्क एजूकेशन नाम दिया गया है जिसकी शुरुआत ब्रिटेन के व्यवसायी टॉम हूपर ने की है। स्कूल के छठवीं कक्षा के छात्र वेबसाइट पर लॉग इन कर इन शिक्षकों के साथ अपनी समस्या का समाधान करते हैं। स्कूल में इसकी लागत 12 पौंड प्रति घंटा प्रति छात्र आती है, जबकि लंदन में निजी शिक्षक इतने ही समय के लिए 40 पौंड लेते हैं। भारतीय शिक्षकों को सात पौंड प्रति घंटा भुगतान किया जा रहा है।

ट्यूशन पढ़ाते थे हूपर
हूपर ने बताया कि जब यूनिवर्सिटी और स्नातक दौरान अतिरिक्त रुपये कमाने के लिए मैं ट्यूशन पढ़ाता था। लेकिन लंदन में अतिरिक्त ट्यूशन लेना काफी महंगा पड़ता है। इसकी कीमत 40 पौंड होती है। उन्होंने बताया कि इस सेवा से जुड़े सभी शिक्षक ब्रिटिश गणित कोर्स में पारंगत हैं। ऐशमाउंट स्कूल की प्रमुख सहायक शिक्षिका रीबिका स्टासे ने बताया कि इससे छात्रों की गणित विषय में सुधार हुआ है। पहले यह सेवा पायलट प्रोजेक्ट तहत एजेंसी के कहने पर शुरू की थी लेकिन अब चौथी और पांचवीं कक्षा के छात्रों के लिए भी यह सेवा ली जाएगी। ब्रिटेन में गणित शिक्षकों की कमी है। गणित विषय से ग्रेजुएट छात्रों को पोस्ट ग्रेजुएट शिक्षक प्रशिक्षण कोर्स के लिए 5000 पौंड की पेशकश की जाती है। हालांकि पिछले वर्ष ब्रिटेन में 5890 मैथ ग्रेजुएट थे, जबकि भारत में यह संख्या छह लाख 90 हजार थी। हालांकि लंदन यूनिवर्सिटी के इंस्टीट्यूट ऑफ एजूकेशन के डायरेक्टर डायलन विलियम का कहना है कि ऐसे सिस्टम के फायदे के साथ नुकसान भी हैं। यह उन शिक्षकों पर निर्भर करता है कि उनकी अंग्रेजी कैसी है। उन्हें ब्रिटेन के सांस्कृतिक परंपराओं को भी समझना होगा।

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