सभी शटल अंतरिक्ष यानों के रिटायर हो जाने के बाद नासा को अंतरिक्ष टैक्सियों की दरकार है, जो अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन तक ले जा सकें और उन्हें वापस ला सकें। बहरहाल अब इसके लिए नासा कुछ अमेरिकी कंपनियों की ओर देख रहा है। अभी अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन तक परिवहन के लिए नासा रूस पर निर्भर है, हालांकि इसके लिए उसे रूस को मोटी कीमत चुकानी पड़ती है।
अंतरिक्ष स्टेशन तक यात्रियों ले जा सकें
नासा के प्रोग्राम मैनेजर ने कहा है कि हम अमेरिका की दो कंपनियों के ऐसी ‘स्पेस टैक्सी’ के बनाने का इंतजार कर रहे हैं जो अंतरिक्ष स्टेशन तक यात्रियों ले जा सकें और उन्हें वापस ला सकें। नासा की कामर्शियल क्रू प्रोग्राम के मैनेजर एड मैंगो ने कहा है कि इसके लिए अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी 21 महीनों के करार के लिए चुनी गई कंपनियों में 300 से 400 मिलियन डॉलर तक निवेश करने की योजना बना रही है।
जो अंतरिक्ष स्टेशन तक आ जा सके
एड ने यह बात कैनेडी स्पेस सेंटर में इंडस्ट्री ब्रीफिंग के दौरान कही। इस नए कार्यक्रम का उद्देश्य नए वाणिज्यिक अंतरिक्ष यान का डिजाइन तैयार करना और ऐसा यान तैयार करना है जो अंतरिक्ष स्टेशन तक आ जा सके। अमेरिकी स्पेस शटलों के पिछले वर्ष रिटायर होने के बाद से अंतरिक्ष टूरिज्म बाजार पर फिलहाल रूस का एकाधिकार है। इसके बाद चीन ही एक ऐसा देश है जो अंतरिक्ष में मानव को भेज चुका है। रूस प्रति अंतरिक्ष यात्री के हिसाब से 60 मिलियन डॉलर नासा से वसूलता है।
अंतरिक्ष ले जाने की क्षमता होनी चाहिए
अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पृथ्वी से 240 मील दूर अंतरिक्ष में स्थित है। एड के मुताबिक यह कंपनियां मई 2014 तक अंतरिक्ष यान का डिजाइन तैयार करेंगी। एड ने कहा, ‘इन कंपनियों द्वारा तैयार विमानों को प्रदर्शन उड़ान के दौरान कम से कम 230 मील ऊंचाई तक जाना और अंतरिक्ष में कम से कम तीन दिन ठहरना लक्ष्य होगा।’ इन परीक्षण यानों की कम से कम चार यात्रियों को अंतरिक्ष ले जाने की क्षमता होनी चाहिए। वर्ष 2010 से अब तक नासा इन निजी कंपनियों में 365.5 मिलियन डॉलर निवेश कर चुका है।
फॉल्कन रॉकेट के जरिए अंतरिक्ष
बोइंग में 130.9 मिलियन, सिएरा नेवादा कॉर्प में 125.6 मिलियन और स्पेस एक्सप्लोरेशन टेक्नॉलोजी में 75 मिलिय डॉलर का निवेश किया जा चुका है। बोइंग एक सीएसटी-100 नाम का कैपसूल विकसित कर रहा है जिसे एटलस-5 रॉकेट की मदद से अंतरिक्ष पहुंचाया जाएगा। स्पेस एक्सप्लोरेशन टेक्नॉलोजी (स्पेस एक्स) को नासा अंतरिक्ष स्टेशन तक कार्गो भेजने के लिए पहले ही चुन चुकी है, उसकी अपने ड्रेगन मालवाहक को अपग्रेड करने की योजना है, इसे फॉल्कन रॉकेट के जरिए अंतरिक्ष पहुंचाया जाएगा।
पंखों वाले यान को विकसित कर रहा
सिएरा नेवाद एक पंखों वाले यान को विकसित कर रहा है, जिसका नाम ‘ड्रीम चेजर’ है। ड्रीम चेजर बोइंग के अंतरिक्ष यान की ही तरह होगा, इसे एटलस-5 रॉकेट से अंतरिक्ष पहुंचाया जाएगा। फिलहाल नासा को उम्मीद है कि वह 2017 तक इन यानों से अपने अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष स्टेशन तक पहुंचा सकेगा।
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