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सावधान! खतरे में हैं आपके लाडले

Una

Updated Wed, 15 Aug 2012 12:00 PM IST
ऊना। निजी स्कूलों में मोटी फीस ली जाती है। हर सहूलियत के दावे किए जाते हैं पर, हकीकत कुछ और ही है। ट्रांसपोर्ट के नाम पर बच्चों से अलग से वसूली होती है, मगर वाहनों में छात्रों कोे ठूंस-ठूंस कर भरा जा रहा है। ट्रांसपोर्ट के नाम पर पेरेंट्स को धोखे में रखा जा रहा है। दिन-ब-दिन हो रही सड़क दुर्घटनाओं के बावजूद पुलिस प्रशासन और स्कूल प्रबंधक इन वाहनों पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। बचपन को खतरे में डाल कर दौड़ते वाहनों मेें से अधिकांश खटारा हैं। इन वाहनों में से चंद बसें या टैंपो ही विभाग के पास पंजीकृत हैं। इन टैंपो में बच्चे एक-दूसरे पर लादे जाते हैं। ऐसी स्थिति में कभी भी अनहोनी की आशंका बनी रहती है। जिला मुख्यालय और समीपवर्ती कालोनी के एक नामी स्कूल का इस मामले में बुरा हाल है। इन स्कूलों में छात्रों से फीस के नाम पर हजारों लिए जाते हैं। लेकिन, सुविधाएं न के बराबर हैं। इसके अलावा अन्य कई स्कूल मानकों पर खरा नहीं उतरते। समय रहते इस ओर ठोस कदम न उठाए गए तो बच्चों की जान को खतरा बना रहेगा।
नहीं खुलती प्रशासन की नींद
विभाग इन वाहनों की फिटनेस से बेपरवाह है। अधिकांश वाहनों के ब्रेक या हार्न काम नहीं करते। साथ ही एक दूसरे से आगे निकलने की होड़ रहती है, जिससे कई बार हादसे भी हो जाते हैं। प्रशिक्षित चालक हों, इस पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता। प्रशासन इस मामले को अनदेखा कर कुंभकर्णी नींद सो रहा है।

स्कूली वाहनों के मानक एवं नियम
1. बस का रंग पीला और नीली पट्टी होनी चाहिए
2. स्कूल का नाम स्पष्ट लिखा होना चाहिए
3. आपातकालीन गेट की व्यवस्था जरूरी
4. पायदान जमीन से न्यूनतम दूरी पर हो
5. खिड़कियों में ग्रिल लगी होनी चाहिए
6. खटारा बसों का स्कूल में संचालन न हो
7. ड्राइवर के चारों ओर केबिन बना हो
8. पहले परिचालक स्वयं उतरे, फिर बच्चों को उतारे
9. बस, वैन और रिक्शा में ओवर लोडिंग नहीं होनी चाहिए
कोई भी निजी स्कूल इन नियमों का पालन नहीं करता।

नहीं होने देंगे खिलवाड़ : एसपी
पुलिस अधीक्षक सुमेधा द्विवेदी का कहना कि मामला ध्यान में लाया गया है। तमाम निजी स्कूलों के यातायात साधनों पर शिकंजा कसा जाएगा, ताकि नौनिहालों की जान से खिलवाड़ को रोका जा सके।

ओवरलोडिंग पर होगी सख्त कार्रवाई : आरटीओ
आरटीओ रमेश ठाकुर का कहना है कि जितनी क्षमता बसाें में बैठने की है, उससे अधिक एक भी छात्र या व्यक्ति बस में चढ़ाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ऐसे वाहनों के चालान काटने के अतिरिक्त मोटर वाहन अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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