आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

राजनीतिक वनवास से वापस लौटे सुखराम

Mandi

Updated Sat, 27 Oct 2012 12:00 PM IST
मंडी। हिमाचल की राजनीति के दिग्गज पं. सुखराम चुनावी राजनीति में फिर सक्रिय हो उठे हैं। 1962 से 1998 तक राजनीति में सक्रिय रहे सुखराम कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे। अपनी जिद पर आए तो कांग्रेस को भी सत्ता से बाहर कर दिया बाद में अपनी पार्टी समेत ही कांग्रेस में लौट आए। 2003 में बेटे अनिल शर्मा को अपनी राजनीतिक विरासत सौंप उम्र के इस पड़ाव में राजनीतिक वानप्रस्थ की ओर मुड़ गए थे। दिल्ली में अदालती झमेलों में उलझे रहे और हिमाचल की राजनीति से दूर रहे, मगर अब चुनावी समर में बेटे को घिरता देख एक बार फिर सारथी बन कर सदर के चुनावी चक्रव्यूह को तोड़ने निकल पड़े हैं। पार्टी के लिए और जगह भी प्रचार करने जा रहे हैं, मगर वहीं जहां से बुलावा आ रहा है या फिर जिन्होंने बुरे वक्त पर पंडित जी का साथ दिया था। हिविकां में उनके साथी रहे पूर्व मंत्री मनसा राम के नामांकन में शामिल होने पं. सुखराम 125 किमी दूर करसोग पहुंच गए। ‘अमर उजाला’ से बातचीत में सुखराम उत्साहित नजर आते हैं। पंडित जी इस बार सदर में मुकाबला कठिन हो गया है। इस पर उनका जवाब था, सदर में मुकाबला आसान कब रहा। हर बार इन्होंने सदर को मुश्किल में डालने का प्रयास किया है, मगर सदर के मतदाता जानते हैं कि यहां का विकास किसने किया है। उन्हें भी तो मौका दिया गया था। उन्होंने क्या किया है, यह सबके सामने है। चुनाव प्रचार कहां-कहां करेंगे? इस बारे में पं. सुखराम कहते हैं कि सदर में तो अनिल के लिए प्रचार करूंगा ही, मगर जहां से डिमांड आएगी, वहां भी जाऊंगा। करसोग के अलावा सराज में भी तारा ठाकुर के लिए प्रचार करूंगा। सुखराम के चुनावी काफिले में अब वे लोग भी शामिल हो रहे हैं, जो कभी उनसे दूरियां बनाए रखते थे। धर्मपुर के पूर्व विधायक नत्था सिंह स्वयं कहते हैं कि मैंने पांच दशकों तक पं. सुखराम से दूरियां बनाए रखी। इसका एक खास कारण भी था। उस समय नत्था सिंह वीरभद्र सिंह के सिपहसालार थे और पं. सुखराम का वरदहस्त उस समय महेंद्र सिंह पर था।
मुख्यमंत्री न बन पाने का है मलाल
सुखराम को हालात अपने पक्ष में होने के बावजूद भी मुख्यमंत्री न बन पाने का मलाल है। उस समय हाईकमान और 23 विधायकों का भी साथ मिला था, मगर अपनों ने ही उनके रास्ते में रोड़ा अटका दिया। वह दूर संचार में किए कार्यों को बड़ी उपलब्धि मानते हैं। अपने राजनीतिक जीवन में पं. सुखराम प्रदेश में महत्वपूर्ण ओहदों पर रहने के अलावा केंद्र में रक्षा और खाद्य आपूर्ति मंत्री भी रहे हैं।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

exile sukhram

स्पॉटलाइट

सायना नेहवाल ने खत्म किया सूखा, लंबे समय बाद जीता गोल्ड

  • रविवार, 22 जनवरी 2017
  • +

Bigg Boss : सलमान ने शाहरुख पर लगाया गोभी चुराने का आरोप, भड़क गए किंग खान

  • रविवार, 22 जनवरी 2017
  • +

अगर दफ्तर में सोना है तो सोएं, लेकिन जरा नजाकत से

  • रविवार, 22 जनवरी 2017
  • +

सोमवार को बना है शुभ संयोग त‌िल के 6 प्रयोग से म‌िलेगा बड़ा लाभ

  • रविवार, 22 जनवरी 2017
  • +

अफगानिस्तान के इस बल्लेबाज ने तोड़ा कोहली का अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड

  • रविवार, 22 जनवरी 2017
  • +

Most Read

शिवपाल समर्थकों ने बनाया नया संगठन, नाम जानकर हो जाएंगे हैरान

shivpal supporters created new organization
  • शनिवार, 21 जनवरी 2017
  • +

अखिलेश की सूची में कुछ नाम बदले, कुछ निरस्त, यहां देखें

correction in akhilesh yadav list
  • शुक्रवार, 20 जनवरी 2017
  • +

बोले राजा भइया- नहीं है गठबंधन की जरूरत, अकेले ही जीत लेंगे चुनाव

there is no need of alliance with congress
  • शुक्रवार, 20 जनवरी 2017
  • +

पाकिस्तान से रिहा सैनिक चंदू भारत में ‘कैद’

Indian soldier Chandu Babulal Chavan
  • सोमवार, 23 जनवरी 2017
  • +

बीजेपी को झटका, पूर्व विधायक ने थामा अखिलेश का हाथ

shiv singh chak joins samajwadi party
  • बुधवार, 18 जनवरी 2017
  • +

विदेशी सेब पौधे कहीं चौपट न कर दें 3000 करोड़ की बागवानी

foreign apple cultivation is threat for himachal apple growers
  • सोमवार, 23 जनवरी 2017
  • +
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top