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परिजनों की लापरवाही भी पड़ी भारी

Chamba

Updated Thu, 10 May 2012 12:00 PM IST
चंबा। जिला अस्पताल में मौत का शिकार हुई दो गर्भवती महिलाओं के परिजनों की लापरवाही भारी पड़ी है। अगर इन दोनों महिलाओं को प्रसव से पहले होने वाली जांच के आधार पर उचित दवाइयां और आहार दिया गया होता तो उन्हें जान न गंवानी पड़ती। सही उपचार और दवाएं न लेने के कारण इन दोनों में प्रसव करने योग्य रक्त की मात्रा ही नहीं बची थी। जब डाक्टरों ने रक्त चढ़ाने की कोशिश की तब तक बहुत देरी हो चुकी थी।
जानकारी के अनुसार राजनगर के भंडाल गांव की विजया कुमारी को 28 अप्रैल को अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। जांच में रक्त की मात्रा मात्र 6 ग्राम निकली थी। इस पर उसके परिजनों को रक्त का इंतजाम करने को गया था, मगर वे यह भी न कर पाए। मंगलवार रात को जब प्रसव का समय आया तो अस्पताल से ही खून का इंतजाम करके उसकी सफल डिलीवरी करवाई गई थी। उस समय मौके पर तैनात चिकित्सक डा. विशाल ठाकुर ने बताया कि उनकी टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद जैसे-तैसे विजया की सफल डिलीवरी करवा दी, मगर उसका खून काफी बह गया। पहले से ही खून कम होने के कारण मंगलवार रात 11 बजे उसकी मौत हो गई। वहीं चुवाड़ी के खुड्डी गांव की सीमा को 7 मई को दाखिल करवाया गया था। जांच में उसका रक्त 6.5 ग्राम निकला। डा. विशाल ने बताया कि मंगलवार रात को डिलीवरी के समय उसे खून चढ़ाया गया, मगर यह रिएक्शन कर गया और खून चढ़ाना बंद करना पड़ा। उसे छह घंटे बाद खून चढ़ाना था, मगर इस बीच उसका रक्त ज्यादा बह गया और उसकी और गर्भस्थ शिशु की बुधवार सुबह आठ बजे के करीब मौत हो गई। उधर, अस्पताल की डिप्टी एमएस डा. आरती शर्मा ने बताया कि इन दोनों मामलों में डा. विशाल सहित अन्य स्टाफ सारी रात तैनात रहा। दोनों को बचाने की काफी कोशिश की गई, मगर रक्त की कमी ने उनकी कोशिशों पर पानी फेर दिया। उन्होंने बताया कि गर्भवती को प्रसव के लिए कम से कम 11 ग्राम रक्त की आवश्यकता होती है। इससे कम रक्त की मात्रा खतरनाक होती है।
चिकित्सकों की सलाह
ग्रामीण लोग गर्भवती महिलाओं को गर्भधारण करने के बाद से ही स्वास्थ्य केंद्र में ले जाना शुरू करें और लिखी गई दवाइयों का पूरा कोर्स करवाएं। साथ ही इस दौरान की जाने वाली जांच का रिकार्ड भी पास रखें। इससे डिलीवरी के समय डाक्टर को सही जानकारी मिलती है और इलाज करने में मदद मिलती है। इसमें की गई लापरवाही ही बाद में परेशानी का सबब बनती है।
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